स्थानीय लोगों ने उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बारे में देर रात मृतक के भाई प्रभाकर सिंह ने चार नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ सिधारी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। तहरीर में प्रभाकर ने बताया कि एक निमंत्रण में उसे व बड़े भाई राघवेंद्र को साथ जाना था।
उसने भाई को फोन किया तो भाई डरे हुए थे और कहा कि मुझे उमाकांत यादव, निक्की उपाध्याय, दुर्गेश यादव, शक्ति सिंह सहित तीन अन्य लोग जान मारने की नीयत से घेर लिए हैं। जल्दी आकर मुझे बचा लो। जब वह अपने भाई को खोजते हुए नरौली क्षेत्र में पहुंचा तो कार के स्टेयरिंग पर वह खून से लथपथ पड़े थे।
जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। छोटे भाई की तहरीर पर पुलिस मुकदमा पंजीकृत कर जांच की कवायद में जुट गई है। एसपी के निर्देश पर तीन टीमें गठित कर हत्यारोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।