आजमगढ़। तुसली विवाह के साथ बुधवार से मांगलिक कार्यक्रमों का आगाज हो जाएगा। मांगलिक आयोजनों से एक दिन पहले ही कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देख सरकार की ओर से नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इसके तहत अब शादी समारोह में सिर्फ 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। ऐसे में जिसके यहां वैवाहिक समारोह हैं वह परेशान हैं। पहले शादी समारोहों के लिए 200 लोगों की अनुमति थी। इसके अनुसार तैयारी हो चुकी है। कार्ड भी बंट चुके हैं। ऐसे में किसको मना कर नाराज किया जाए, इसकी विकट समस्या खड़ी हो गई है।
मैरेज हाल, कैटर्स की इसी के अनुसार बुकिंग हो चुकी है, उसे कैसे मैनेज किया जाए। कुछ इसी तरीके की उधेड़बुन में जिला प्रशासन भी पड़ा है। आखिर शासन के इस आदेश का पालन कैसे कराया जाएगा। नये आयोजनों के लिए तो गाइड लाइन का ख्याल रखा जा सकता है, लेकिन पुराने जिनके लिए तैयारी पहले से हो चुकी है उसके लिए क्या किया जाएगा? यह एक गंभीर सवाल बना हुआ है।
लाकडाउन में लोगों ने गर्मी में पड़ने वाली शादी की तिथि को आगे बढ़ाकर नवंबर और दिसंबर में कर दिया। कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद सरकार की ओर से शादी समारोहों में 200 लोगों के शामिल होने की छूट दी गई है। बुधवार से शादी विवाह शुरू हो रहे हैं। लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देख सरकार की ओर से मंगलवार को शादी समारोहों में 200 लोगों की मिलने वाली अनुमति को घटाकर 100 कर दिया। ऐसे में अब आयोजकों के समक्ष परेशानी खड़ी हो गई है। प्रशासन का मामला होने के कारण मैरेज हाल और लान संचालक भी डरे हैं। उनके द्वारा आयोजकों को यह निर्देश दिया जा रहा है कि किसी भी हाल में वह एक बार 100 से अधिक लोगों को जमा न करें।
200 के हिसाब से ली बुकिंग कैसे लौटाएं 100 के पैसे
आजमगढ़। ज्यादातर मैरेज हाल और कैटरर्स ने बुकिंग केे देखते हुए अपनी तैयारी पूरी कर ली है। कच्चा माल, कारीगर, वेटर आदि तैयार हैं। नई गाइडलाइन आने के बाद मेहमानों की संख्या आधी कर दी गई है। ऐसे में अब इनके समक्ष समस्या यह हो गई है कि आयोजकों के पैसे किस प्रकार वापस करेंगे। क्योंकि अब उन्हें बुकिंग से आधा काम ही करना है। जबकि उनके द्वारा कारीगर, सजावट, हलवाई आदि सभी की बुकिंग कर अग्रिम भुगतान भी किया जा चुका है।
आयोजक और कारोबार दोनों होंगे प्रभावित
आजमगढ़। मैरेज हाल संचालक राजकुमार ने कहा कि मैरेज हाल, होटल, लान आदि कारोबार पहले ही लाकडाउन के कारण चौपट हो गए। दो सौ लोगों के कार्यक्रम से कुद उम्मीद बंधी थी लोग बुकिंग भी करा रहे थे लेकिन संख्या घटन से कारोबार और आयोजक दोनों प्रभावित होंगे। कैटरर्स का कारोबार करने वाले संतोष चौरसिया ने कहा कि हमने बुकिंग मिलने पर दो सौ लोगों के हिसाब से सारी व्यवस्था कर दी। कारीगरों, वेटरों आदि को बुक कर पैसा भी दे दिया। शासन के निर्देश के बाद अब लोग इसे घटाकर सौ लोगों का करने को कहा जा रहा है। आयोजक चाहते हैं कि किसी तरह से कार्यक्रम का आयोजन हो जाए। इसलिए उसी में थोड़ा बहुत कम-ज्यादा कर मैनेज किया जा रहा है।
बोले लोग
हमारी बहन की शादी छह दिसंबर हो तय है। यह शादी गांव से होनी है। इस शादी के लिए पूर्व में मिल रही अनुमति को देखते हुए हमने दो सौ कार्ड छपवाए लेकिन अभी आधिकारिक अनुमति नहीं ली थी। अब सौ लोगों के ही शामिल होने की अनुमति मिल रही हैं। ऐसे में समझ नहीं आ रहा है कि हम किसको मना करें।
सत्यप्रकाश राय।
हमारे लड़की की शादी 26 नवंबर को गोपालम मैरेज हाल में है। हलवाई आदि की बुकिंग पहले ही कर दी है। नई गाइडलाइन आने से हर कोई परेशान है। लेकिन किया ही क्या जा सकता है। कार्ड बंट चुका है। ऐसे में हर आने वाले रुकने की बजाए खाना खिलाकर भेजने की योजना बनाई है ताकि भीड़भाड़ न होने पाए।
उमेश सिंह गुड्डू।
मेरी खुद की शादी नौ दिसंबर को है। पूर्व में मिलने वाली अनुमति के हिसाब से मैंने 200 कार्ड छपवाए थे सबको वितरित भी कर दिया। कुछ कार्ड ही शेष बचे हैं। नए निर्देश के बाद परेशान हूं। लड़की के परिवार से भी बात चल रही है। किसी तरह से बीच का रास्ता निकाला जाएगा।
रवि जायसवाल।
जिस तरह से कोरोना के मामलों में वृद्धि हो रही है। उसे देखते हुए सरकार ने शादी समारोहों में 200 की संख्या को घटाकर 100 कर दिया गया है। जिसे देखते हुए लोगों को परेशानी होगी लेकिन उन्हें इसका पालन करना होगा। साथ ही कोरोना गाइडलाइन का भी आयोजन स्थल पर पालन किया जाएगा।
नरेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन।
- अंबुज राय