आजमगढ़। जिला कारागार पर तैनात बंदी रक्षक स्थानांतरण के बाद कार्यमुक्त कर दिए जाने पर भड़क उठे है। अधिकारी पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाते हुए आक्रोशित बंदी रक्षकों ने शनिवार की सुबह जिलाधिकारी को पत्रक दिया और फिर जेल पर पहुंच कर डेढ़ घंटे तक धरना भी दिया। सुविधा शुल्क न मिलने पर अब तक फरवरी माह का वेतन भी न जारी करने का बंदी रक्षको ने आरोप लगाया है।
शासन से जिला कारागार के सात बंदी रक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। इसमें अशोक सिंह, भगवान सिंह, अशोक भारती, ओम प्रकाश पांडेय, अमरनाथ मिश्र, जबीउल्लाह सिद्दीकी व अवनिंद्र कुमार सिंह शामिल है। स्थानांतरण आदेश आते ही शुक्रवार को इन सभी को जेल अधीक्षक ने कार्यमुक्त कर दिया। सभी का अलग-अलग जगहों पर स्थानांतरण किया गया है। जेल अधीक्षक द्वारा कार्यमुक्त किए जाने पर ये बंदी रक्षक भड़क उठे और शनिवार की सुबह जिलाधिकारी से उनके आवास पर पहुंच कर मुलाकात किया। बंदी रक्षकों ने अधिकारी पर आरोप लगाया कि वे कार्यमुक्त न करने के एवज में 10-10 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। पैसा न मिलने पर उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया। वहीं डेढ़ माह पूर्व स्थानांतरित किए गए बंदी रक्षकों को अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया, क्योकि इन लोगों ने उन्हें सुविधा शुल्क दे दिया है। डीएम को दिए पत्रक में स्थानांतरण के बाद कार्यमुक्त किए गए बंदी रक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि फरवरी माह का वेतन अब तक उन्हें नहीं मिला है। वेतन भुगतान के मद में भी सभी से एक-एक हजार रुपये की डिमांड की गई है। डीएम से मुलाकात के बाद बंदी रक्षक जेल पर पहुंचे और डेढ़ घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। स्थानांतरित किए गए बंदी रक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है, वहीं जेल धरना प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों ने निलंबित करने की चेतावनी देते हुए उन्हें धरने से उठा दिया।
डीजी स्तर से इन सभी बंदी रक्षकों का स्थानांतरण हुआ है। शासन के आदेश का मैने अनुपालन करते हुए इन्हें कार्यमुक्त कर दिया है। जिससे खिन्न हो कर ही ये लोग उल्टा-सीधा आरोप लगा रहे है। जहां तक वेतन भुगतान में देरी की बात है तो इनकम टैक्स आदि के मिलान के चलते देरी हुई है। संभवत: एक-दो दिन में वेतन का भुगतान हो जाएगा।
विनोद कुमार, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, जिला कारागार, आजमगढ़।