‘भगत सिंह के विचारों की वर्तमान संघर्षों में अहमियत’’ विचार गोष्ठी को संबोधित करते वक्ता। स्र
आजमगढ़। अखिल भारत प्रगतिशील छात्र मंच की ओर से रविवार को करतालपुर बाईपास स्थित एक स्कूल में ‘भगत सिंह के विचारों की वर्तमान संघर्षों में अहमियत’ विषय पर विचार गोष्ठी हुई। शुरुआत जितेंद्र कुमार नूर की कविता और गजल से हुई।
राहुल ने कहा कि वर्गीय विभाजन का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी दिख रहा है। गरीब और अमीर बच्चों के लिए अलग-अलग शिक्षा व्यवस्था इसका प्रमाण है। रामाश्रय यादव ने कहा कि उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण के बाद शिक्षा के बाजार के हवाले होने से यह महंगी हुई है। सूबेदार यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विलय और बंद होने से गरीब बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। दुखहरन ने शिक्षकों के रिक्त पदों और शिक्षण संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया।
अखिलेश ने कहा कि भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक और भ्रष्टाचार से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। चंदन कुमार ने स्थायी रोजगार की कमी पर चिंता जताई। कार्यक्रम को ओमप्रकाश सिंह, सत्यदेव पाल ने संबोधित किया। संवाद