परिषदीय विद्यालयों में जमीन पर गंदगी में बैठकर खाने की शिकायतें आम हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने अब इस पर ध्यान देना शुरू किया है। बच्चे स्कूलों में अब डाइनिंग टेबल पर बैठकर मिड-डे मील खाएंगे। इसके लिए स्कूल में कैफेटेरिया बनाया जाएगा।
एक तरफ जहां प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है, वहीं परिषदीय स्कूलों में व्यक्तिगत स्वच्छता पर कम ही ध्यान है। कहीं बच्चे बिना टाट पट्टी के जमीन पर बैठकर पढ़ने को विवश हैं, तो उन्हें जमीन पर बैठकर गंदगी में मिड-डे मील खाना पड़ता है। जिला प्रशासन ने अब इसका संज्ञान लेना शुरू किया है। बच्चों को अब जमीन पर बैठ कर मिड-डे मील नहीं खाना पड़ेगा।
बच्चे अब डाइनिंग टेबल भोजन करेंगे। जनपद में कुल 2247 प्राइमरी और 973 प्राथमिक स्कूल हैं। इन स्कूलों में डाइनिंग हाल (कैफेटेरिया) बनवाने का निर्णय लिया गया है। हॉल में सीमेंटेड डाइनिंग टेबल बनाए जाएंगे। इस पर बच्चे खाना रखकर एक साथ भोजन कर सकेंगे। प्रशासन की ओर से अपने स्तर पर ही इसके लिए माडल स्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। ताकि कम खर्च में अधिक सुविधा दी जा सके। इस स्टीमेट के आधार पर भी ग्राम प्रधानों से प्रस्ताव मांगा जाएगा। बताया जा रहा है कि दो दिन में स्टीमेट तैयार करा जल्द इस पर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
जमीन पर बैठ कर मिड-डे मील खाने में बच्चों को परेशानी होती है। गंदगी भी होती है। इसलिए परिषदीय विद्यालयों में डायनिंग हाल ग्राम पंचायत निधि से बनवाने की योजना तैयार की गई है। माडल स्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। इसी के आधार पर प्रस्ताव मांगा जाएगा और कार्य कराया जाएगा।
चंद्र भूषण सिंह, जिलाधिकारी