रानी की सराय। ब्लाॅक के गंभीरवन गांव में 22 लाख रुपये की लागत से स्टेडियम बना है। ताकि ग्रामीण अंचलों में छिपी प्रतिभाओं को बढ़ावा मिल सके, लेकिन खेल विभाग की उपेक्षा के चलते यह स्टेडियम बदहाली का शिकार है।
लाखों खर्च के बाद भी वहां न तो कोई सुविधा है और नहीं कोई अन्य व्यवस्था। चारों तरफ झाडियां उगीं हैं। कागजों पर तो स्टेडियम में खेल जारी है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
क्षेत्र के युवा स्टेडियम में नहीं खेलते हैं। युवाओं का कहना है साफ-सफाई नहीं होती है। इसलिए वहां खेलने नहीं जाते। खेल अधिकारी का कहना हैं कि स्टेडियम में सुधार के प्रयास किए जाने का लंबे समय से आश्वासन ही मिल रहा है।
जिला युवा कल्याण अधिकारी सुल्तान सिंह ने बताया कि हमारे विभाग द्वारा इसके लिए खेलो इंडिया योजना के तहत आठ करोड़ 51 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद ही काई कार्य हो पाएगा।