सठियांव चीनी मिल के बगास रैक को ठीक करते कर्मचारी।
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सठियांव। दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव में मंगलवार को सुबह करीब दस बजे अधिकारियों द्वारा किए जा रहे रूटीन सेटिंग के दौरान बगास का रैक टूट गया। जिसके कारण गन्ना पेराई का कार्य ठप हो गया। जिसके कारण गन्ना लेकर आए किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं मिल बंद होने से टरबाइन का खर्च (ईधन) अतिरिक्त करना पड़ेगा। देर शाम तक बगास के रैक को ठीक करने का काम चलता रहा।
फेडरेशन (मिल संघ लखनऊ) के अधिकारी मंगलवार को चेकिंग कर रहे थे। गन्ना पेराई की क्षमता को चेक कर उसे बढ़ाने के लिए सेटिंग की जा रही थी। इसी दौरान बगास (खोईया ईधन) ले जाने वाला आटोमेटिक रैक टूट गया। रैक टूटने से वायलर में सीधे जाने वाले ईधन का काम बंद हो गया। जिसके चलते मिल में पेराई कार्य ठप हो गया। क्रशिंग ठप होने से किसानों के गन्ना तौल का काम भी रुक गया। क्रस किए गए जूस (गन्ने का रस) गुड़ चीनी की प्रक्रिया चालू है, लेकिन टरबाइन को चालू रखने के लिए ईधन पर अतिरिक्त खर्च बैठ रहा है। मिल के प्रधान प्रबंधक डीपी सिंह ने बताया कि तकनीकी फाल्ट दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। बहुत जल्द ही समस्या दूर कर पेराई शुरू कर दी जाएगी।
जिला गन्ना अधिकारी ने मिल का किया निरीक्षण, मिली खामियां
सठियांव। जिला गन्ना अधिकारी अपने टीम के साथ सोमवार की रात करीब 9.50 बजे चीनी मिल सठियांव का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान ट्राली ग्रॉस एवं ट्रक ग्रास कांटों सहित किसानों को दी जाने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जहां कई अव्यवस्थाएं देखने को मिली। उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित को सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही किसानों से भी जानकारी ली गई।
जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल, सचिव बूढ़नपुर अनिल कुमार अवस्थी व जेष्ठ गन्ना अधिकारी निरीक्षक अशोक कुमार वर्मा सोमवार की रात मिल में पहुंचे। सबसे पहले वह मिल के ट्राली ग्रॉस एवं ट्रक ग्रॉस कांटों को चेक किया। कांटे शुद्ध वजन देते पाए गए, मिल गेट पर 10 मैट्रिक टन का मैन्युअल कांटा लगाया गया है लेकिन प्रयोग में नहीं है। गन्ने की तौल का डिस्प्ले बोर्ड, अलाव, कैंटीन व विश्राम शेड आदि को देखा और किसानों से प्रतिक्रिया लिया। किसानों ने बताया मिल यार्ड में किसानों के लिए पीने का पानी, अलाव नहीं है। इतना ही नहीं गन्ने तौल का डिस्पले भी बंद पड़ा है। केन यार्ड में प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं है। जिला गन्ना अधिकारी ने संपूर्ण विवरण निरीक्षण नोट में अंकित कर चीनी मिल के प्रबंधन को बुलाकर मौके पर दिखाते हुए भविष्य के लिए निर्देशित कर दिया है।