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Azamgarh News: जीएसटी में कम कर जमा करने ईंट भट्ठा व्यापारियों की होगी जांच

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आजमगढ़। राज्य कर विभाग ने विभिन्न ट्रेडों में पिछले वर्ष की तुलना में राजस्व संग्रह की समीक्षा के बाद ईंट भट्ठा ट्रेड में राजस्व वृद्धि में कमी पाई। जीएसटी लागू होने के बाद से ईंट भट्ठों से मिलने वाला राजस्व वित्तीय वर्ष 2016-17 की तुलना में लगातार घटा है। इसे देखते हुए शासन के निर्देश पर मंगलवार संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक) श्रीराम सरोज की अध्यक्षता में ईंट भट्ठा एसोसिएशन के पदाधिकारियों और 125 से अधिक भट्ठा मालिकों की बैठक सिधारी स्थित सभागार में हुई।
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संयुक्त आयुक्त ने बताया कि वैट से जीएसटी दर में कई ईंट निर्माताओं ने बहुत कम कर जमा किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि 2016-17 की तुलना में 2024-25 में कम कर देने वालों की जीएसटी अधिनियम की धारा 71 और 67 के तहत जांच होगी।
उन्होंने कहा कि 6 प्रतिशत कर दर पर आईटीसी का लाभ न लें और गलत लाभ लिया हो तो उसे तुरंत रिवर्स कर जमा करें। कोयले की खरीद में कर चोरी, अपंजीकृत भट्ठों का संचालन और बिक्री छिपाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वैट बकाया न जमा करने वाले भट्ठा मालिकों के नाम बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, कैंसिल्ड भट्ठों को पंजीयन लेने, एमनेस्टी स्कीम का लाभ उठाने और कोयले की खरीद के आधार पर उत्पादन (18 टन में 1 लाख ईंट) दिखाने का निर्देश दिया गया। रॉयल्टी पर टैक्स के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।
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ईंट भट्ठा व्यापारियों ने समाधान योजना की मांग की, इसके लिए एसोसिएशन उच्च स्तर पर प्रयास कर रही है। विभाग ने व्यापारियों से समय पर रिटर्न फाइल करने और बकाया जमा करने की अपील की। बैठक में सहायक आयुक्त जितेंद्र कुमार सिंह, राजीव नयन तिवारी, टैक्स बार के राजनरायण गुप्ता, जय प्रकाश यादव, भट्ठा एसोसिएशन के महासचिव रमाकांत सिंह, संजय सिंह आदि शामिल रहे।
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