आजमगढ़। पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने शुक्रवार को मुकदमे में बरी करने के नाम पर रिश्वत की मांग करने वाले जीयनपुर कोतवाली के लाटघाट चौकी प्रभारी अनिरुद्ध सिंह को और मुकदमा दर्ज करने के नाम पर रुपये की मांग करने वाले मुबारकपुर थाने पर तैनात एक मुंशी को निलंबित कर दिया।
साथ ही ऐसे दरोगा और सिपाहियों के विरुद्ध खुफिया तरीके से जांच करने का निर्देश दिया है।
बता दें कि जीयनपुर कोतवाली में दर्ज एक धोखाधड़ी के मुकदमे की विवेचना चौकी प्रभारी लाटघाट अनिरुद्ध सिंह को सौंपी गई है। मुकदमे की विवेचना करने वाले चौकी प्रभारी ने आरोपियों से रिश्वत की मांग करते हुए कहा कि रुपये दो तो सभी लोगों को बरी कर दिया जाए।
चौकी प्रभारी के इस साजिश की जानकारी जब पीड़ित को हुई तो उसने एसपी से इसकी शिकायत किया। एसपी ने अपने स्तर से पूरे प्रकरण की जांच करने का निर्देश दिया। शुक्रवार को मामले की जांच रिपोर्ट आने और जांच में चौकी प्रभारी के दोषी पाए जाने पर उसे निलंबित कर दिया।
इसीक्रम में मुबारकपुर थाने पर तैनात सिपाही शैलेंद्र सिंह मुंशी का काम करता है। एक सप्ताह पूर्व मुबारकपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने एसपी से शिकायत की थी कि शैलेंद्र सिंह मुकदमा लिखने के बदले में रिश्वत की मांग करता है।
इस मामले की भी एसपी ने जांच करवाई और जांच रिपोर्ट आने पर दो दिन पूर्व ही शैलेंद्र को निलंबित कर दिया। विवेचना और केस दर्ज करने के मामले में रिश्वत की मांग करने वाले चौकी प्रभारी और सिपाही के निलंबन की कार्रवाई होने से जहां रिश्वतखोर अधिकारी और कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।
वहीं एसपी ने थानों पर चल रहे इस तरह के खेल को समाप्त करने और रिश्वतखोरों की धरपकड़ करने खुफिया विभाग से इसकी जांच कर रिपोर्ट मांगी है। जांच रिपोर्ट आने पर औरों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
रिश्वत मांगने के आरोप में चौकी प्रभारी लाटघाट अनिरुद्ध सिंह और मुबारकपुर थाने पर तैनात एक सिपाही शैलेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया। रिश्वतखोरों के विरुद्ध गोपनीय तरीके से जांच करने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने पर औरों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार साहनी, एसपी