जिले में 25 सीएचसी के सापेक्ष 15 सीएचसी परिसरों में करोड़ों की लागत से बने बीपीएचयू में जांच की मशीनें तो पहुंच चुकी हैं, लेकिन लोगों को वहां 72 प्रकार की जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके चलते लोगों को जांच के लिए निजी सेंटरों पर जाना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को पास में ही सभी प्रकार की जांच की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हर सीएचसी परिसर में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) बनाने का निर्देश हुआ था।
इसमें लोगों को हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स, शुगर (ब्लड ग्लूकोज), लिवर, किडनी से जुड़े टेस्ट, मलेरिया, टीबी, डेंगू और अन्य जांच की सुविधा मुहैया कराई जानी है। 25 में से 15 सीएचसी परिसरों में बने बीपीएचयू में स्वास्थ्य विभाग मशीनों से सभी जांचें उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है, लेकिन बुधवार को जब पड़ताल की गई तो कई बीपीएचयू में 72 प्रकार की जांच की सुविधाएं नहीं थीं।
अहरौला में सीएचसी में बने ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट में दो टेक्नीशियन तैनात हैं। यहां अभी तक मशीन उपलब्ध न होने के कारण किडनी से संबंधित जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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केस- 1
मशीनों की खराबी से कुछ जांचें प्रभावित
तहबरपुर। सीएचसी परिसर में बने बीपीएचयू में हार्मोनल टेस्ट, थायराइड और कुछ विशेष जांचों की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मशीनों में आई तकनीकी खराबी के कारण पिछले कुछ दिनों से लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) और लिपिड प्रोफाइल जैसी जांचें भी प्रभावित हो रही थीं। चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुशील कुमार अग्रहरी ने बताया कि केंद्र पर अभी बायोकेमेस्ट्री से संबंधित जांच की सुविधा उपलब्ध है। संवाद
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केस- 2
बीपीएचयू में स्टॉफ की कमी
अतरौलिया। बीपीएचयू में बीते मार्च माह से संचालन हो रहा है, लेकिन वर्तमान में करीब 45 प्रकार की ही जांच हो पा रही हैं। बीपीएचयू में तीन कर्मचारियों की तैनाती है, जबकि दो कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। इसके चलते मरीजों को निर्धारित सभी 72 प्रकार की जांचों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कुछ जांचें बाहर से करानी पड़ रही हैं। संवाद
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केस- 3
सिर्फ 38 प्रकार की हो रही जांचें
बरदह। सीएचसी परिसर में बने बीपीएचयू में 72 में से सिर्फ 38 प्रकार की जांच की सुविधा मरीजों को मिल पा रही है। जिन जांचों की सुविधा वहां नहीं मिल पा रही है, उन्हें मरीजों को बाहर से कराना पड़ता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सोमेश रंजन मिश्रा ने बताया कि व्यवस्थाएं की जा रही हैं, थोड़ा समय लगेगा। कुछ माह बाद सभी जांच की सुविधाएं एक छत के नीचे मिलने लगेंगी। संवाद
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केस- 4
55 जांचों तक सिमटा बीपीएचयू
पवई। सीएचसी में स्थापित ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट में 72 प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद जगी थी, लेकिन वर्तमान में महज 55 प्रकार की जांच ही हो पा रही हैं। इससे क्षेत्रवासियों की एक ही छत के नीचे सभी जांच होने की उम्मीद अधूरी रह गई है। 18 प्रकार की जांच उपलब्ध न होने से मरीजों को अब भी बाहर जाना पड़ रहा है। इससे समय और धन दोनों खर्च हो रहे हैं। संवाद
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फोटो संख्या- 29
जिन जगहों पर बीपीएचयू में स्वास्थ्य विभाग 72 प्रकार की जांच की सुविधा मुहैया कराने का दावा कर रहा है, वहां भी पूरी जांच नहीं हो पा रही है। इसके कारण लोगों को बाहर से जांच कराना पड़ रहा है। -शारदा देवी,
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फोटो संख्या- 30
मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की जांचें नहीं मिल पा रही हैं। कहीं कर्मचारी की कमी है तो कहीं मशीन ही खराब है। लोगों को निजी सेंटरों पर जांच कराना पड़ रहा है। -शुभम राय,
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जिन जगहों पर बीपीएचयू तैयार है, वहां मशीनें लग चुकी हैं। मरीजों को सभी प्रकार की जांच की सुविधा मिल रही है। पल्हनी, बिलरियागंज, महराजगंज आदि जगहों पर रोजाना 100 से अधिक लोगों की जांचें हो रही हैं। कुछ सीएचसी में जांच मशीनों को रखवाया गया है। जहां मशीनें नहीं आई हैं, वहां एक माह के भीतर आ जाएंगी। -डॉ. उमाशरण पांडेय, एसीएमओ।