आजमगढ़। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को रोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम द्वारा 7.25 करोड़ से अधिक ऋण दिया गया था। वर्षों बाद भी कर्जदार अपना ऋण नहीं चुका सके। अब विभाग उनको फिर नोटिस जारी कर रहा है।
अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने केे लिए वर्ष 1995-96 में अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम का गठन हुआ। इसमें लोगों को आसान किस्तों में ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। आजमगढ़ जनपद में वर्ष 1995 से लेकर 2008 के बीच अल्पसंख्यक समुदाय के 495 लोगों को 7.25 करोड़ रुपये ऋण दिए गए। ऋण लेने के बाद कुछ लोगों ने रोजगार किया और ऋण का कुछ अंश चुकता भी किया लेकिन जैसे-जैसे समय बीता ऋणी अपना ऋण भरना भूल गए।
इसके बाद अल्पसंख्यक विभाग ने निदेशालय के निर्देश पर बीते वर्ष सभी बकाएदारों को नोटिस जारी किया। इस वर्ष फिर बकाया ऋण जमा करने के लिए नोटिस भेजा जा रहा है। विभाग की सख्ती के बाद अब तक 1.43 करोड़ रुपये जमा हुए हैं जबकि 5.82 करोड़ रुपये जमा नहीं किए गए हैं।
वापस आ रहे नोटिस
ऋण जमा करने के लिए कर्जदारों के दिए पते पर विभाग नोटिस भेज रहा है लेकिन विभाग के लिए एक नई परेशानी खड़ी हो गई है। काफी समय बीतने के बाद कुछ लोगों ने अपना आशियाना ही बदल दिया है। जब डाकिया नोटिस लेकर उक्त पते पर पहुंच रहे है तो वहां पर उस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिल रहा है। जिसके कारण कई नोटिस विभाग को वापस आ चुकी है। संवाद
रोजगार के लिए अल्पसंख्यक समुदाय के 495 लोगों को 7.25 करोड़ से अधिक लोन दिया गया था। लेकिन उन्हाेंने समय से ऋण चुकता नहीं किया। अभी भी 5.82 करोड़ से अधिक ऋण बकाया है। इसके लिए दोबारा नोटिस जारी किया जा रहा है। जो लोग ऋण जमा नहीं करेंगे, उनको आरसी जारी की जाएगी। - वर्षा अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।