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घर जैसे भवन को बनाया बोर्ड परीक्षा केंद्र

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आजमगढ़। शिक्षा विभाग ने मनमानी कर मानकों को ताक पर रखकर यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र बनाए हैं। यह हम नहीं बल्कि संयुक्त शिक्षा निदेशक की रिपोर्ट बता रही हैं। उन्होंने यूपी बोर्ड परीक्षा को सकुशल कराने के लिए कई केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें एक परीक्षा केंद्र मिला जो प्रथम दृष्टया घर के रूप में दिखा। उन्होंने डीआईओएस को उक्त परीक्षा केंद्र की जांच आख्या मांगी है। साथ ही विद्यालय की मान्यता संबंधी पत्रावली तलब की है।
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संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र कुमार सिंह परीक्षा को सकुशल कराने के लिए परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने मूर्ति कन्या इंटर कालेज सिकहुला बीनापारा का भी निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र पर परीक्षा संचालित होती पाई गई। परीक्षा केंद्र में उपलब्ध अधिकांश परीक्षा कक्ष मानक के अनुरूप नहीं पाया गया और किसी कक्ष की फर्श पर प्लास्टर नहीं था। परीक्षा केंद्र के भवन की बनावट प्रथम दृष्टया घर के रूप में प्रदर्शित हो रही थी। उक्त के अतिरिक्त विद्यालय के पास मानक के अनुसार भूमि भी कम प्रतीत हो रही थी। इस संबंध में जेडी ने जिला विद्यालय निरीक्षक डा. पीके उपाध्याय को निर्देश दिए कि उक्त विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाए जाने के पूर्व जो जांच आख्या परिषद की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है, उसकी प्रति तत्काल उपलब्ध कराएं। साथ ही विद्यालय की मान्यता से संबंधी पत्रावलियां भी कार्यालय में उपलब्ध कराएं।
भौतिक सत्यापन पर भी उठे सवाल
आजमगढ़। माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित हाईस्कूल व इंटरमीडियट की यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया को बहुत जटिल माना जाता है। परिषद की वेबसाइट पर विद्यालयों द्वारा अपलोड की गई सूचनाओं का सत्यापन एसडीएम की अध्यक्षता में पूर्ण कराकर सूचनाएं डीआईओएस को उपलब्ध कराया गया। इसके बाद जिला स्तर पर डीएम अध्यक्ष, डीआईओएस सदस्य व सचिव, बीएसए, एसडीएम, जिले के दो वरिष्ठ प्रधानाचार्य को सदस्य बनाया जाता है जो सत्यापन को अंतिम मुहर लगाकर बोर्ड को भेजती है। प्रशासन ने भौतिक सत्यापन का दावा तो कर दिया लेकिन बिना मानक में मिले विद्यालय को परीक्षा केंद्र कैसे बना दिया गया यह यक्ष प्रश्न है। जिसका जवाब जिम्मेदार ही दे सकते हैं।
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इस मामले में संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मूर्ति कन्या इंटर कालेज सिकहुला बीनापारा में यूपी बोर्ड की परीक्षा कराई जा रही है। वहां का निरीक्षण किया गया था। परीक्षा केंद्र का अधिकाश परीक्षा कक्ष मानक के अनुरूप नहीं पाया गया और किसी कक्ष की फर्श पर प्लास्टर नहीं था। विद्यालय के भवन की बनावट भी घर की तरह थी। इसे लेकर डीआईओएस से जांच आख्या व मान्यता से संबंधी पत्रावली मांगी गई है।
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