आधुनिक पद्धति से गन्ने की खेती और उसके फायदे से किसानों को अवगत कराने के उद्देश्य से बुधवार को सठियांव चीनी मिल में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों से गन्ने की अधिक से अधिक बुआई करने का आह्वान किया। इसके बाद पांच गांव के लिए गन्ना शोध उपाध्यक्ष रामकृष्ण यादव ने हरी झंडी दिखाकर वैज्ञानिकों की टीम को रवाना किया।
अपने संबोधन में यादव ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि प्रदेश में बंद हुई चीनी मिल को पुन: चालू कराया जा रहा है। इसके लिए किसान आधुनिक पद्धति से बुआई करके खुशहाली लाएं और जिले को तरक्की की राह दिखाएं। जीएम सठियांव चीनी मिल रामबचन यादव ने कहा कि अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान बनते हुए किसानों से संपर्क कर उनका चयन करके अनुदान दिलाएं।
उन्होंने बताया कि गन्ने की अच्छी खेती के लिए किसानों को विभिन्न प्रजातियों के गन्ने के बीज उपलब्ध करवा दिया है, किसान उनसे संपर्क कर लाभ उठा सकते हैं। हर हाल में अगले सत्र में चीनी मिल चालू हो जाएगी। इस मौके पर साहबलाल यादव, मंजू सिंह यादव, सना आफरीन, बीपी पांडेय, वैज्ञानिक डा. सुबाष सिंह, डा. सुरेंद्र प्रताप सिंह, डा. अरुण कुमार सिंह, डा. श्रीप्रकाश यादव, डा. आरडी तिवारी, हरीशंकर राम, पूर्व डायरेक्टर चीनी मिल रामदरश यादव आदि उपस्थित रहे।