नवरात्र के सातवें दिन श्रद्धालुओं ने मां
कालरात्रि का पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मां के
दर्शन को भोर से ही मंदिर पर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया
था।
नगर के चौक स्थित दक्षिणमुखी मां, बड़ादेव स्थित दुर्गा मंदिर,
कोलघाट स्थित दुर्गा मंदिर, रैदोपुर, बेलईसा सहित अन्य देवी मंदिरों में
भोर से ही मां के दर्शन को भक्तों का तांता लगा रहा। उधर, कालीचौरा स्थित
काली मंदिर में भक्तों ने नारियल, चुनरी आदि चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना
की।
लाटघाट : सगड़ी तहसील के चन्नाराम कालिका मंदिर पर भक्तों का तांता लगा
रहा। पल्हना : जिला से 40 किमी दूर दक्षिण पूर्व में लालगंज वाया तरवां
रोड पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मां पाल्हमेश्वरी धाम पर भक्तों की
भीड़ रही। घंटा-घड़ियाल और माता जी के लग रहे जयकारे से पूरा क्षेत्र
भक्तिमय हो गया है।
मेजवां : शंकर तिराहा स्थित मंदिर पर मां के दर्शन को
भक्तों का तांता लगा रहा। सरस्वती शिशु मंदिर के निकट मां भवानी मंदिर पर
महिलाएं मंगलगीत गाती हुई, मां के दर्शन के लिए पहुंची। बुधवार की रात
फूलपुर नगर में मां दुर्गा कीर्तन मंडल द्वारा भजन और कीर्तन किया गया।
नगर के मुख्य चौक स्थित दक्षिणमुखी देवी मंदिर परिसर में बुधवार की रात ब्लू नाईट आर्केस्ट्रा और जागरण ग्रुप द्वारा भक्ति जागरण का आयोजन किया गया। मंदिर के पुजारी शरद तिवारी ने कार्यक्रम की शुरुआत की। राजेश रंजन ने गीत सुनाया। दृष्टि वर्मा ने दिल में शामे नाम की ज्योति जला के देख, आएगी शेरावाली मां दिल से बुला के देख गाया तो वहां भक्त भावविभोर हो उठे।
दीपांशी वर्मा के मां मुरादें पूरी कर दे, हलुवा बांटूगी भजन से लोग मंत्रमुग्ध हो उठे। मंदिर के पुजारी शरद तिवारी ने टेढ़ी डगर है कैसे चढ़ पाऊंगा मैं आंख का अंधा, पैर का लंगड़ा दर्शन कैसे कर पाऊंगा सुनाया तो पूरा मंदिर परिसर वाह-वाह कर उठा। जागरण में सागर तिवारी, राशि तिवारी आदि कलाकारों ने प्रस्तुति की।