ब्लैक पॉटरी यूं तो अपनी पहचान रखती है, लेकिन अब वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के तहत इसका चयन कर इसे विश्व पटल पर उद्योग के रूप में पहचान दिलाई जाएगी। महाप्रबंधक उद्योग की मानें तो राज्य सरकार की ओर से बजट आवंटित कर इसकी मार्केटिंग की व्यवस्था की जाएगी। नए-नए डिजाइन विकसित किए जाएंगे। प्रोडक्शन के साथ ही इसका जोर-शोर से प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
लगभग 1636 ई. में मुगलकाल में निजाम सरकार द्वारा गुजरात के कच्छ की खाड़ी से लाए गए परिवार की ये कला आज नगर पंचायत निजामाबाद में स्थित राजेंद्र नगर मुहल्ले में लगभग 50 परिवारों के साथ फल फूल रही है। अंग्रेजों के जमाने में राजेंद्र प्रसाद प्रजापति के पूर्वजों ने इस कला के लिए गोल्ड मेडल पाया।
साथ ही राजेंद्र प्रसाद प्रजापति द्वारा लंदन, पेरिस, डेनमार्क, स्विजरलैंड, सहित 14 देशों में इस कला का प्रदर्शन किया और कई नेशनल अवार्ड भी पाए। इस कला को उद्योग के रूप में विकसित करने की मांग उठाने वाले शिल्पकार वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत इसके चयन से काफी उत्साहित हैं और व्यापार में पेश आने वाली यातायात, बिजली, मार्केटिंग और विशेष रूप से मिट्टी के समस्या के समाधान को लेकर आशान्वित हैं।
जिला महाप्रबंधक उद्योग अनुराग यादव ने बताया कि सरकार की ओर से ब्लैक पॉटरी के विकास के लिए बजट का आवंटन किया जाएगा। इस बजट से इस उद्योग को परवान चढ़ाने के लिए मार्केटिंग की जाएगी। नई-नई डिजाइनों का विकास किया जाएगा।
हस्त शिल्पियों में हर्ष, एसडीएम को बताई समस्या
जैसे ही ब्लैक पॉटरी के जिले की पहचान बनने की सूचना निजामाबाद के हस्तशिल्पियों को हुई उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने एसडीएम निजामाबाद बागीश कुमार शुक्ला से मुलाकात की। उनकी बातों को सुनने के बाद एसडीएम ने कहा कि शिल्पकारों की समस्याओं का शासन स्तर से और अपने स्तर से निदान के लिए जल्द से जल्द उपाय किए जाएंगे। निजामाबाद में ब्लैक पॉटरी के लिए मिट्टी की समस्या को दूर किया जाएगा। इस मौके पर शिवजतन प्रजापति, महेंद्र प्रजापति आदि उपस्थित थे।
शासन को भेजा गया इंडस्ट्रियल एरिया का प्रस्ताव
जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद के गंभीरपुर में 45 एकड़ जमीन यूपीएसआईडीसी को इंडस्ट्रियल एरिया बसाने के लिए देने को प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद यूपीएसआईडीसी की ओर से यहां उद्योग लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और आगे की कवायद शुरू कर दी जाएगी। उद्योग लगने से रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
जिलाधिकारी सीबी सिंह ने इंडस्ट्रियल एरिया का विकास कराने और अन्य सरकारी विभागों को एलाट करने की योजना बनाई थी। इसके बाद में एसडीएम सदर को निर्देशित किया गया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर गंभीरवन में 45 एकड़ जमीन यूपीएसआईडीसी को उद्योग लगाने के लिए चिह्नित करा दी गई है। जिलाधिकारी की ओर से जमीन के यूपीएसआईडीसी को हस्तांतरित करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है।
जिला महाप्रबंधक उद्योग अनुराग यादव ने बताया कि शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जमीन हस्तातंरित होने के बाद यूपीएसआईडीसी की ओर से इस पर उद्योग लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगी। इसके बाद इसे मंजूरी के एमडी यूपीएसआईडीसी रणवीर प्रसाद के पास भेजा जाएगा। मंजूरी के बाद उद्योग लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
45 एकड़ जमीन यूपीएसआईडीसी के हस्तांरित करने के लिए चिह्नित कर इसका प्रस्ताव शासन को भेजा चुका है। मंजूरी लगाने के बाद आगे की प्रकरिया शुरू होगी। जनपद के विकास में ये मील का पत्थर साबित होगा। -सीबी सिंह, जिलाधिकारी