राजकीय चीनी विकास पात्र केंद्र में स्थापित नई उड़ान नई पहचान एक जनपद एक उत्पाद के तहत बनाए गए कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) का बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑनलाइन उद्घाटन किया। सेंटर को लोकार्पण के लिए माला फूल से सजाया गया था। उद्घाटन से पूर्व उच्चाधिकारियों द्वारा सीएफसी में लगे सभी मशीनों का एक बार डेमो किया गया। लगभग साढ़े ग्यारह बजे मुख्यमंत्री के लाइव उद्घाटन की प्रक्रिया शुरू हुई। लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने सीएफसी संचालकों से लाइव वार्ता की और इससे होने वाले लाभ और हानि के बारे में पूछा। संजय यादव ने मुख्यमंत्री से लाइव संवाद करते हुए बताया कि एक करोड़ 81 लाख की लागत से सीएफसी का निर्माण हुआ है। इससे ब्लैक पॉटरी को एक नई उड़ान मिलेगी। 450 परिवार इससे जुड़े हुए हैं जो ब्लैक पॉटरी का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में जर्मनी में आयोजित जी-7 की बैठक में जी-7 के सभी सदस्यों को आजमगढ़ की ब्लैक पाटरी उपहार स्वरूप दी गयी, जिससे आजमगढ़ के उत्पाद को अन्तर्राष्ट्रीय पहचान मिली। मुख्यमंत्री से संवाद में संजय यादव ने बताया कि पहले कि इस योजना से हम हस्तशिल्प कलाकारों को काफी बल मिला और एक सही दिशा देते हुए आपके द्वारा सीएचसी की स्थापना की गई। ओडीओपी योजना लागू होने से रोजगार मिलने के साथ ही प्रचार प्रसार भी बढ़ा है। ब्लैक पॉटरी की मांग काफी बढ़ी है। बाहर से आने वाले ग्राहकों को सुविधा मिली है। अब कम समय में ज्यादा माल तैयार करके हम ग्राहकों तक भेज सकते हैं। बताया कि मांग के अनुसार सप्लाई न होने के कारण हम लोग परेशान थे इस सीएफसी की स्थापना से हम लोगों की बिक्री भी दुगनी हुई है। मुख्यमंत्री के संवाद के बाद मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने गणेश जी और विश्वकर्मा भगवान की मूर्ति के आगे दीप प्रज्वलित व माल्यार्पण किया। सीएफसी में लगी सभी मशीनों का सीडीओ ने फीता काटकर फैक्ट्री का संचालन शुरू किया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरण कियभा गया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष ऋषिकांत राय, एसडीएम रवि कुमार, ज्वाइंट कमिश्नर उद्योग रंजन चतुर्वेदी ,प्रवीण मौर्य जीएम उद्योग, असिस्टेंट कमिश्रर उद्योग साहब शरन, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सोहित कुमार प्रजापति, संजय यादव, सरिता प्रजापति, बैजनाथ प्रजापति, रामनवमी प्रजापति, सुरेंद्र प्रजापति, सोहनलाल प्रजापति, शिवलाल प्रजापति, बलीराम प्रजापति, गीता देवी, रीता देवी, पुष्पा देवी, शर्मिला सहित सैकड़ों की संख्या में हस्तशिल्प कलाकार उपस्थित थे।