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काली पट्टी बांध विरोध

Sun, 06 Dec 2015 11:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
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बाबरी मस्जिद विध्वंस को विभिन्न संगठनों ने रविवार को भिन्न-भिन्न तरीकों से मनाया। हिंदू संगठनों जहां शौर्य दिवस मनाया वहीं मुस्लिम संगठनों ने इसे काला दिवस के रूप में याद किया। समाजवादी पार्टी ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया गया।
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छह दिसंबर बाबरी विध्वंस के अवसर पर विश्व हिंदू महासभा, हिंदू युवा वाहिनी और विश्व हिंदू परिषद द्वारा शौर्य दिवस मनाया। महासंघ और वाहिनी के कार्यकर्ता चंदन और रोली का टीका लगाकर कलेक्ट्रेट क्षेत्र स्थित रिक्शा स्टैंड पर जमा हुए और लोगों में मिठाई बांटकर अपनी खुुशी का इजहार किया। अरुण सिंह साधू, विरेंद्र सिंह, हरिबंश मिश्रा, डॉ. सदानंद सिंह, मनोज सिंह उपस्थित थे।

वहीं विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नगर में मोटरसाइकिल जुलूस चौक, मातबरगंज, बड़ादेव, काली चौरा, कालीनगंज होते हुए पुरानी कोतवाली पहुंचकर संपन्न हुई। विमल मौर्य, आनंद गुप्ता, अरविंद मोदनवाल, डॉ. जयशंकर मिश्र, वीरेंद्र बरनवाल उपस्थित थे।
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वहीं राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के कार्यकर्ताओं ने फूलपुर, निजामाबद, मुहम्मदपुर और लालगंज के साथ ही नगर क्षेत्र में बांह पर काली पट्टी बांधकर बाबरी विध्वंस दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया। युवा प्रदेश अध्यक्ष नुरूलहुदा के नेतृत्व में पहाड़पुर से जुलूस की शक्ल में कार्यकर्ता एसडीएम सदर के कार्यालय पहुंचे।

जहां राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपते हुए आरएसएस पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की। जैश अंसारी, कासिफ, जाहिद, अजहरुद्दीन अंसारी, वसीम खान उपस्थित रहे। फूलपुर में विधानसभा अध्यक्ष आमिर आैर मुहम्मदपुर में जिलाध्यक्ष हाजी शकील अहमद, निजामाबाद में जिला प्रभारी फैसल और लालगंज में विधासभा अध्यक्ष जुल्फेकार के नेतृत्व में काला दिवस मनाया गया।

आजमगढ़ में सपा कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांध कर विरोध का इजहार किया।
 पार्टी कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री रामकृष्ण यादव ने कहा कि बाबरी मस्जिद की शहादत देश की सांप्रदायिक एकता और अखंडता पर आघात था।
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