आजमगढ़। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा गठित भाजपा का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को जनपद में पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद के घर हुई घटना की पूरी जांच की। जांच के बाद उन्होंने पूर्व सांसद के घर हुई पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की।
प्रदेश अध्यक्ष द्वारा गठित टीम में गोंडा जनपद के कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह, बलिया जनपद के फेफना विधायक उपेंद्र तिवारी, गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष उपेंद्र शुक्ला, सेवानिवृत्त आईजी राजेश राय, सेवानिवृत्त डीआईजी उमानाथ सिंह शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष सहजानंद राय के साथ घटना स्थल का दौरा किया। जांच के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि स्कूल में बच्चों के विवाद में पुलिस प्रशासन द्वारा बिना कारण बताए एक जनप्रतिनिधि और पूर्व सांसद के घर में पुलिस अधीक्षक का सीओ और फोर्स के साथ घुसना और परिसर में अभद्रता और तोड़फोड़ करना निंदनीय कार्य है। जबकि उक्त घटना के समय पूर्व सांसद ही नहीं बल्कि उनके परिवार के साथ रिश्तेदार भी वहां मौजूद नहीं थे। लेकिन पुलिस अधीक्षक द्वारा सत्तापक्ष के दबाव में पूर्व सांसद के घर में यह तांडव करना यह सिद्ध करता है कि सपा मुखिया के खिलाफ चुनाव लड़ने के कारण उन्हें शासन किसी बड़ी साजिश के तहत फंसाना चाहता था। लेकिन जनता के दबाव के कारण पुलिस की यह साजिश सफल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि हम इसकी रिपोर्ट गृहमंत्री भारत सरकार को सौंपकर कार्रवाई की मांग करेंगे। इसके साथ ही हम इस कृत्य के लिए जनता के बीच जाएंगे और आंदोलन खड़ा करेंगे। अगर यूपी सरकार द्वारा दोषी पुलिस अधीक्षक और सीओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो भाजपा आजमगढ़ की सड़कों पर बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी। इस मौके पर रमाकांत मिश्रा, दुर्ग विजय यादव, पूर्व सांसद दरोगा प्रसाद सरोज, देवेंद्र सिंह, विक्रम सिंह पटेल, रामपाल सिंह, विद्याधर श्रीवास्तव, सूरज प्रकाश श्रीवास्तव, विजय प्रकाश सिंह, मोहन पटवा आदि उपस्थित थे।
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प्रबंधक ने लगाई एसपी से गुहार
आजमगढ़। वहीं सर्वोदय पब्लिक स्कूल के प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद यादव ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक से मिलकर उन्हें घटना से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि दो लड़कों के आपसी विवाद में पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने अपने प्राइवेट गनर और गुंडों के द्वारा छात्र शैलेष यादव को अपने भांजा कहने पर मारा पीटा। लोगों के शोर को सुनकर जब विद्यालय के कर्मचारी वहां गए तो उन लोगों ने उन्हें भी दौड़ा लिया। उन लोगों द्वारा आतंक पैदा करने के लिए फायरिंग भी की गई। घटना की जानकारी मैने पुलिस को दी। अगर पुलिस समय पर नहीं पहुंचते इनके लोग मेरी और मेरे स्कूल के तमाम लोगों की हत्या कर देते। उन्होंने बताया कि पूर्व सांसद का यह बयान कि छात्रवृत्ति को लेकर विवाद हुआ यह गलत है। यह उनके द्वारा घटना को दूसरी ओर मोड़ने का प्रयास है।