आजमगढ़। गेहूं की कालाबाजारी और बढ़ती महंगाई पर लगाम आदि मांगों के समर्थन में सोमवार को जिलाध्यक्ष हवलदार यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला और राज्यपाल को संबोधित मांगपत्र सौंपा।
ज्ञापन देने के बाद जमकर नारेबाजी गई। इस अवसर जिलाध्यक्ष ने कहा कि गेहॅू क्रय केंद्रों पर कर्मचारियों व विचैलियों की मिलीभगत से किसानों के गेहूं की तौल नहीं हो सकी। किसान गेहूं औने-पौने दाम पर बेचने पर मजबूर हैं। उनको लगात से भी कम मूल्य पर गेहूं बेचना पड़ा। सरकार का ध्यान केवल चुनाव तक ही रह गया है। सरकार ने लोकतंत्र को लाठीतंत्र में बदल दिया है। जिला पंचायतों में पर्चा दाखिला करने से रोका गया। सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। उसका किसानों, गरीबों, मजदूरों की समस्या से कोई सरोकार नहीं रह गया है।
उन्होंने कहा कि सठियांव चीनी मिल पर गन्ना किसानों के 78 करोड़ रुपये का बकाया है। पेट्रोलियम पदार्थो के दामों में बेतहाशा वृद्धि से आम आदमी से लेकर किसान तक परेशान है। सबकुछ महंगा होता जा रहा है, लेकिन सरकार को कोई चिंता नहीं है। सगड़ी तहसील में घाघरा में लोगों के जमीन और मकानों को लील रही है। लोग बेघर हो रहे हैं लेकिन प्रशासन की ओर से कोई राहत नहीं मिल रही है।
प्रतिनिधिमंडल में विधायक डा. संग्राम यादव, पूर्व विधायक श्यामबहादुर सिंह यादव, बेचई सरोज, पूर्व मंत्री विद्या चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव, जयराम सिंह पटेल, हरिप्रसाद दूबे, डा. रामदुलार राजभर, प्रेमा यादव, बबिता चौहान, द्रौपदी पांडेय, सना परवीन, गुड्डी देवी, किरन श्रीवास्तव, शशिकला सिंह, शिवसागर यादव, राजेश यादव, तारिक फैसल, परवेज अहमद, जोरार खान, राजेश गिरी, आशीर्वाद यादव आदि थे।