बलरामपुर। जिले में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को सुदृढ़, त्रुटिरहित और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार में दो दिवसीय रजिस्ट्रार प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
यह प्रशिक्षण सीआरएस (सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम) पोर्टल के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। पहले दिन 45 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी शामिल रहे।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी (जन्म-मृत्यु पंजीकरण) एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. अविनाश झा ने ग्रामीण स्तर पर कार्यरत रजिस्ट्रारों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षण के उद्देश्यों की जानकारी दी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन आर वर्मा ने कहा कि जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण एक संवेदनशील और वैधानिक प्रक्रिया है, जिसमें रजिस्ट्रारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से ग्रहण करने और अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण सत्र में मास्टर प्रशिक्षक अपर शोध अधिकारी अंबरीश चंद शिवम ने स्लाइड शो के माध्यम से प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
उन्होंने जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़े वैधानिक, तकनीकी और व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। संचालन प्रभारी प्रचार-प्रसार मनीष तिवारी ने किया। इस मौके पर एआरओ अजीत यादव, हरिलाल, डीपीए पवन सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद