गैंगस्टर के तहत इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इसी के तहत कार्रवाई करते हुए एसपी ने इन दोनों सगे भाइयों व मां के नाम से अवैध शराब व्यवसाय के बल पर क्रय की गई डेढ़ करोड़ की संपत्ति चिन्हित की गई।
इसमें राजेश और बृजेश के नाम मित्तूपुर में गाटा संख्या 1100 रकबा 28 कड़ी, जिसमें मकान व बेसमेंट बना है की अनुमानित कीमत 40 लाख, मां चिंता देवी के नाम गाटा संख्या 1100 में 56 कड़ी अनुमानित कीमत 10 लाख, गाटा संख्या 1377 में रकबा 0.028 हेक्टेयर अनुमानित कीमत सात लाख, मां चिंता देवी के नाम गाटा संख्या 556 में रकबा 0.0756 हेक्टेयर अनुमानित कीमत सात लाख, राजेश व साथी रामचरित्तर के नाम गाटा संख्या 792 रकबा 0.163 हेक्टेयर अनुमानित कीमत 30 लाख है।
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इसके अलावा राजेश व साथी सुरेंद्र के नाम गाटा संख्या 252 रकबा 0.6315 हेक्टेयर अनुमानित कीमत 10.73 लाख, माता चिंता देवी के नाम गाटा संख्या 672 रकबा 20.25 कड़ी व 50.04 कड़ी अनुमानित कीमत 15 व 20 लाख, राजेश व बृजेश गाटा संख्या 455 व 448 रकबा 0.413 हेक्टेयर अनुमानित कीमत 10 लाख शामिल है।
एसपी ने इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित किया। जिस पर जिलाधिकारी ने उक्त संपत्ति को कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने कुर्क होने वाली उक्त संपत्ति का तहसीलदार फूलपुर को प्रशासक नियुक्त किया है। एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि शराब माफिया भाइयों की उक्त संपत्ति जल्द कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।