विकास और सुंदरीकरण के नाम पर नगर क्षेत्र के चौराहों और तिराहों पर मौजूद पेड़ों को प्रशासन ने कटवा दिया। इससे चौराहे चौड़े और सुंदर तो हो गए लेकिन इस गर्मी में अब इन चौराहों पर छांव के लिए राहगीर तरस जा रहे हैं। इसके साथ ही पेयजल का संकट छा गया है। ग्रामीण क्षेत्र से शहर आने वाले राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वाहन के इंतजार में चौराहे पर खड़े लोग इस आग मानिंद धूप में झुलस जा रहे हैं।
जिलाधिकारी सुहास एलवाई द्वारा शहर के सुंदरीकरण के लिए जब चौराहों के चौड़ीकरण का निर्णय लिया गया तो इसकी राह में वर्षों पहले लगे छायादार वृक्ष बाधक बनने लगे। जिलाधिकारी के निर्देश पर वन विभाग द्वारा पेड़ों की कटाई की गई।
यहां तक कि विभाग द्वारा उन पेड़ों को काट कर गिरा दिया गया, जिनकी डाल काटने से भी कार्य चल सकता था। जिसका परिणाम हुआ कि आज नगर क्षेत्र के कई चौराहे और तिराहे चौड़े होने के साथ ही सुंदर भी हो गए लेकिन भीषण गर्मी में अपनी छाया से लोगों को सुखद एहसास कराने वाले पेड़ गायब हो गए। ग्रामीण क्षेत्रों से नगर आने वाले राहगीर छांव न होने से परेशान हो रहे हैं। पेड़ काटने के बाद अगर इन चौराहों पर यात्री शेड का निर्माण कर दिया जाता तो राहगीरों को राहत मिलती।
नगर में जैसे ही चौराहों, तिराहों पर सुंदरीकरण के तहत निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, वहां राहगीरों के बैठने के साथ-साथ पेयजल की भी व्यवस्था कराई जाएगी। यात्रियों के बैठने के लिए चौराहों पर शेड लगाया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को परेशानी न हो। - सुहास एलवाई, जिलाधिकारी