सिपाही अस्पताल में छोड़ आए, डॉक्टरों ने इलाज ही नहीं किया
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तरवां थाने के खरिहानी बाजार में जमीन विवाद के चलते हुई युवक की हत्या के मामले में लापरवाही पाए जाने पर एसपी ने प्रभारी निरीक्षक तरवां ब्रह्मप्रकाश सिंह और एसआई मदनचंद पटेल को निलंबित कर दिया। अपराध नियंत्रण में यह लोग अक्षम साबित हो रहे थे। उधर, अजय की हत्या के संबंध में उसके भतीजे राजेश विश्वकर्मा ने बुधवार को हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें अपने पट्टीदार रवि विश्वकर्मा सहित छह लोगों को आरोपित किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
26 अप्रैल की सुबह खरिहानी गांव निवासी अजीत और अजय विश्वकर्मा को भवन निर्माण कराते समय पट्टीदारों ने दोनों भाइयों को गोली मार दी। उधर, घटना के बाद इसकी चर्चा होने लगी कि आखिर किसके शह पर निर्माण शुरू हुआ था। लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए तरवां थाने की पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। एसपी ने भी पुलिस के भूमिका की जांच कराने का आश्वासन दिया था।
उधर, घटना के संबंध में अजय के भतीजे राजेश विश्वकर्मा ने बुधवार की शाम हत्या और हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें पट्टीदार रवि विश्वकर्मा सहित छह लोगों को आरोपित किया है। पुलिस किसी भी आरोपी को नहीं पकड़ सकी। बुधवार की रात तरवां थाने के खुटहन में एक और हत्या हो जाने से नाराज एसपी ने प्रभारी निरीक्षक तरवां और एक उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया।
एसपी दयानंद मिश्रा ने बताया कि अपराध नियंत्रण में अक्षम निरीक्षक ब्रह्मप्रकाश सिंह और उपनिरीक्षक मदनचंद पटेल को निलंबित कर दिया गया। तरवां थाने का चार्ज दीदारगंज एसओ राजेश सिंह को और पुलिस लाइन में तैनात एसआई सुरेश चंद को एसओ दीदारगंज बनाया गया है।