मतगणना समाप्त होने के बाद घर पहुंचे जीते और हारे प्रत्याशी और समर्थक रविवार की रात से ही अदावत निकालने लगे। इसी के चलते थाना क्षेत्र के तीन गांव में कहीं प्रधान के समर्थक, तो कहीं हारे हुए प्रत्याशी के लोगों ने विपक्षियों पर गुस्सा उतारा।
जहां एक ओर उनके घरों में घुस कर मारपीट की तो वहीं तोड़फोड़ करने से भी बाज नहीं आए। सोमवारको हुई मारपीट में दर्जनभर लोग घायल हो गए।
जिन्हें सीएचसी अहरौला में भर्ती कराया गया है। घटना के संबंध में थाने में सूचना दी जा चुकी है। लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज है। पुलिस जांच कर रही है।
अहरौला थाना क्षेत्र के लेदौरा गांव निवासी चंद्रजीत निषाद प्रधानी का चुनाव जीत चुके हैं। रविवार की रात चंद्रजीत के घर पर विजय का उत्सव चल रहा था।
इसी बीच हारे हुए प्रत्याशी के समर्थक गोलबंद होकर पहुंचे और चंद्रजीत के समर्थक पट्टीदारों के घर में धावा बोलकर तोडफ़ोड़ करते हुए उन्हें मारपीट कर घायल कर दिया।
इसमें रंपत निषाद (55) उसकी बेटी सविता (17), दिनेश (27), संतोष (18), राजेश (20), अशोक घायल हो गए। जब तक चंद्रजीत और उसके समर्थक मौके पर पहुंचते कि आरोपी फरार हो गए।
दूसरी घटना इसी थाने के पारा गांव में घटित हुई। जहां चुनाव हारे प्रत्याशी और उसके समर्थक चुनाव जीते उम्मीदवार के समर्थकों बबलू (25) पुत्र हीरालाल को मारपीट कर घायल कर दिया।
उधर बहेरा गांव निवासी प्रेम बहादुर चुनाव हार गए। इस गांव में चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी के समर्थकों ने रात करीब 11 बजे प्रेम बहादुर के घर हमला बोल दिया। हार के गम में प्रेम बहादुर कहीं सोए हुए थे।
वह नहीं मिले तो समर्थक के घर हमला बोलकर एक परिवार के मंगला चौहान (40) उसकी पत्नी मुनाकी देवी (35), परिवार के राजेश चौहान (28), राकेश (22) और कांता प्रसाद (40) को घायल कर दिया। सभी घायलों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहरौला में इलाज चल रहा है।
एसओ विजय प्रताप यादव ने बताया कि मारपीट होने की सूचना मिली है। लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज है। पुलिस जांच कर रही है।
उधर गांवों में चुनाव के बाद शुरू हो गई मारपीट की इस जंग से ग्रामीणों में दहशत पनपने गली है। हर कोई डरा सहमा है कि कब उन्हें भ्ाी न मारापीटा जाए।
पंचायत चुनाव में वोट न देने से नाराज मनबढ़ों ने सोमवार की सुबह मेहनाजपुर बाजार में गांव के एक डांसर का सिर मुंड़वा दिया और उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
घटना से क्षेत्र में तनाव है। कार्रवाई की मांग करते हुए डांसर के समर्थकों ने आधे घंटे तक थाने का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया। वहीं, पुलिस ने डांसर से तहरीर लेकर गांव के एक युवक सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश में कर रही है।
तरवां थाने के निहुला गांव निवासी भरत राम पुत्र हरिकरन एक नाच मंडली में डांसर है। उसके गांव में धनंजय पुत्र रामबचन और अरुण कुमार सिंह प्रधान पद के उम्मीदवार थे।
भरत राम और उसके परिवार के लोगों ने अरुण सिंह का समर्थन किया था। जिसका परिणाम रहा कि रविवार को अरुण सिंह चुनाव जीत गए। हार से बौखलाए धनंजय विपक्षियों से बदला ले रहे हैं।
रविवार की रात वह गांव में अन्य वोटरों को गाली देने के साथ सोमवार की सुबह मेहनाजपुर बाजार में खड़े थे। तभी कहीं बाहर से प्रोग्राम कर भरत राम प्राइवेट बस से मेहनाजपुर बाजार के स्टैंड पर उतरा।
भरत को देखते ही धनंजय और उसके समर्थकों ने उसे पकड़ लिया। वह भरत को बाजार के संतोष शर्मा के सैलून में ले गए और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसका सिर मंुड़वा दिया।
नकारी भरत के घर वालों के जरिए नवनिर्वाचित प्रधान अरुण सिंह को हुई तो वह समर्थकों संग थाना पहुंचे और घेराव किया। एसओ प्रदीप चौधरी ने बताया कि धनंजय और पांच अज्ञात साथियों के खिलाफ मारपीट, धमकी देने, अपमानित करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।