आजमगढ़। नवरात्र के शुभ दिनों में बेसिक शिक्षा विभाग बेटियों में सुरक्षा की अलख जगाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनन्द ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को 17 अक्तूबर से 25 अक्तूबर के बीच बच्चों विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षा व संरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न आयोजन करने का फरमान जारी किया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष ने बताया कि बेसिक शिक्षा से जुड़े सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि नवरात्र के नौ दिनों में सुबह साढ़े आठ बजे से नौ बजे के बीच व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से छात्र-छात्राओं को घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, सेफ-अनसेफ टच, हेल्पलाइन नंबर आदि की जानकारी देकर जागरूक किया जाए। सभी स्कूली बच्चों को इससे जोड़ने के लिए फोन से बात कर व घरों का भ्रमण कर इस अभियान से उन्हें व उनके अभिभावकों को अवगत कराया जाए।
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रोज स्कूल पर बुलाएं दस-दस अभिभावक
प्रधानाध्यापक इन नौ दिनों में प्रतिदिन 10-10 अभिभावकों को स्कूल पर आमंत्रित करेंगे। उनसे संवैधानिक अधिकार की बुकलेट की मदद से पाक्सो कानून, घरेलू हिंसा, बाल विवाह आदि के बारे में चर्चा कर जानकारी देंगे। इस दौरान कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित कराया जाए।
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शासन स्तर से प्रतिदिन होगी मानीटरिंग
नवरात्र के नौ दिनों में चलने वाले अभियान की मानीटरिंग का खास प्रबंध किया गया है। आईवीआरएस प्रणाली के माध्यम से स्कूल पर होने वाली गतिविधियों की प्रतिदिन मानीटरिंग होगी। ब्लॉक स्तर पर पूर्व में नामित व प्रशिक्षित बालिका शिक्षा के नोडल और एआरपी के माध्यम से स्कूलों का भ्रमण कर, फोन या फिर ऑनलाइन संपर्क साधकर निर्देशों के अनुपालन में सहयोग किया जाएगा। बीईओ ब्लॉक स्तर पर प्रतिदिन कार्यक्रम की समीक्षा कर रिपोर्ट जिले स्तर पर देंगे। डीसी बालिका व एसआरजी, डायट मेंटर भी स्कूलों का भ्रमण कर सहयोग प्रदान करेंगे। बीएसए स्तर से प्रतिदिन जिलेभर की गतिविधियों की शाम चार से पांच बजे के बीच समीक्षा कर आख्या राज्य परियोजना कार्यालय को भेजेंगे।