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UP: 'सड़क किसी के बाप की नहीं...', जुलूस निकाल रहे लोगों को एसपी ने सिखाया अनुशासन का पाठ; जानें पूरा मामला

Fri, 05 Dec 2025 06:00 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh News: आजमगढ़ में कोटेदार अपनी मांगों को लेकर डीएम को ज्ञापन साैंपने जा रहे थे। इसी दाैरान एसपी ने उन्हें रोककर सड़क के किनारे किया। यहां पर एसपी ने कोटेदारों को समझाया।
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कोटेदारों से बातचीत करते एसपी। - फोटो : संवाद
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उचित दर विक्रेता शुक्रवार को खाद्यान्न, चीनी लाभांश बढ़ाने व मिनिमम इनकम गारंटी दिये जाने को लेकर डीएम कार्यालय जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते जा रहे थे। तभी उधर से एसपी डाॅ. अनिल कुमार गुजरे, उनकी नजर जब इस पर पड़ी तो वह गाड़ी से उतर गए। 

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उन्होंने कोटेदारों को अनुशासन पाठ पढ़ाते हुए कहा कि यह रोड किसी के बाप की नहीं है, यह जन सामान्य की है। इसलिए इसे जाम और प्रदर्शन करना अपराध है, इसके लिए आप लोगों पर मुकदमा दर्ज हो सकता है। 

उन्होंने कोटेदारों को समझाया कि अगर प्रदर्शन ही करना है या फिर ज्ञापन देना है तो सड़क को जाम किए बगैर करो। क्योंकि हो सकता है इस सड़क से आपका बच्चा स्कूल से घर जा रहा हो, या फिर किसी अस्पताल या बाजार जाना हो तो उसे परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जब आगे से कोटेदारों ने उन्हें ऐसा न करने का आश्वासन दिया, तब एसपी आगे बढ़ गए। इसके बाद कोटेदार डीएम कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। 

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जिला अध्यक्ष विजय कुमार राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कोटेदार शासन की मंशानुसार राशन वितरण करते हैं। साथ ही कोरोना काल में भी कोटेदारों ने प्रधानमंत्री अन्न योजना व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत निःशुल्क वितरण किया गया। कोटेदार अपने व अपने परिवार के जीवन की परवाह न करते हुए सरकार के दिशा-निर्देशों में ई-पास मशीन से ईमानदारी के साथ वितरण किया, जिसकी सराहना पूरे भारत में की गई और उप्र सरकार को भारत सरकार ने प्रशस्ति पत्र भी दिया। 

संगठन की मांग करता है कि है कि कोटेदारों को भी अन्य प्रदेशों की भांति लाभांश व मिनिमम इनकम गारंटी दी जाए, जिससे इस महंगाई में कोटेदार परिवारों का भरण-पोषण सुचारू रूप से हो सके। अन्यथा की स्थिति में 28 जनवरी 2026 से अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन व विधानसभा घेराव करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन- प्रशासन और सरकार की होगी। इस मौके पर दिनेश सिंह, अशोक सिंह, महेंद्र यादव, दीपक पांडे, वीरेंद्र यादव, चंद्रशेखर यादव, सीताराम मौर्य, आशीष राय, सौरभ राय, दीनानाथ आदि उपस्थित थे।

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