सीडीओ ने अपनी जांच आख्या में बताया कि यह महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य स्तर से जांच का विषय है कि शिकायत होने के बाद मानव संपदा पोर्टल के डाटा में संशोधन किया गया या नहीं। उन्होंने बताया कि जांच में यह तथ्य हमारे सामने आए कि डा. अरविंद चौधरी 13 जुलाई 2007 को जनपद में तैनात हुए। इसके बाद पांच मई 2010 को चिकित्साधिकारी के पद पर पदोन्नत हुए। इसके बाद 15 सितंबर 2019 को डिप्टी सीएमओ पद पर पदोन्नत हुए।
दो-दो पदोन्नतियों के बाद 18 वर्ष से जिले से स्थानांतरण न होने पर सीडीओ ने अपनी जांच में संदेह जताया था। इस पर डीएम रविंद्र कुमार ने सीडीओ की जांच आख्या सहित प्रमुख सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उप्र लखनऊ को पत्र भेजकर उनके गैर जनपद स्थानांतरण का अनुरोध किया था। इसको तीन माह बीतने के बाद भी अब तक निदेशालय की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
यह काफी पुराना मामला है। इस मामले में हमने अपनी रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी थी। अब इस पर कार्रवाई करना निदेशालय का काम है। इस बारे में हम क्या कर सकते हैं। - रविंद्र कुमार, डीएम