आजमगढ़। कोरोना वायरस से जीत की जंग में पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाने में आजमगढ़ मंडल के तीनों जिलों में मऊ पुलिस पहले स्थान पर, बलिया दूसरे और आजमगढ़ पुलिस का स्थान तीसरे नंबर पर है। यह खुलासा तीनों जिलों के एसपी की तरफ से सोमवार की देर शाम को उच्चाधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट से हुआ है। मऊ और बलिया की पुलिस के सराहनीय कार्य की चर्चा है।
लॉक डाउन के दौरान सोमवार की शाम तक मऊ पुलिस की तरफ से 11,792 किलो आटा, 11,203 किलो चावल, 876 किलो दाल, 4235 किलो आलू, 120 किलो चीनी, 530 लीटर सरसो तेल, 888 पैकेट नमक, 3028 किलो फल का 4666 पैकेट बनाकर लोगों में बांटा गया। 30 हजार लोगों को लंच पैकेट बंटवाया गया। मऊ में कुल 12 थाने हैं और यहां की आबादी अन्य दोनों जिलों की तुलना में कम है।
इसी क्रम में बलिया के 25 थानों की पुलिस ने 5610 किलो आटा, 5630 किलो चावल, 750 किलो दाल, 4065 किलो आलू, 342 किलो चीनी, 335 लीटर सरसो तेल, 835 पैकेट नमक का कुल 928 पैकेट बनाकर बंटवाया है। साथ ही 50 हजार लंच पैकेट बंटवाया। दोनों जिले 25 मार्च से लॉक डाउन हैं। वहीं आजमगढ़ 22 मार्च से ही लॉकडाउन है। यहां की पुलिस ने अब तक कुल 3172 किलो आटा, 2803 किलो चावल, 308 किलो दाल, 248 किलो आलू, 113 किलो चीनी, 93 लीटर सरसो तेल, 122 पैकेट नमक का कुल करीब चार हजार पैकेट बनवाकर बंटवाया। 28 हजार लंच पैकेट बांटा। आजमगढ़ में महिला थाना को मिलाकर कुल 26 थाने हैं। यहां की जनसंख्या भी काफी ज्यादा है। बावजूद इसके जिले की पुलिस ने राहत सामग्री और लंच पैकेट बांटने में कंजूसी की।
जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने में मंडल के मऊ जिले की पुलिस पहले, बलिया दूसरे और आजमगढ़ की पुलिस तीसरे नंबर पर है। आजमगढ़ पुलिस की कार्रवाई पर ध्यान देते हुए सुधार की आवश्यकता है। - सुभाष चंद्र दुबे, डीआईजी आजमगढ़, रेंज