विवेचक निरीक्षक रफी आलम की रिपोर्ट के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यबीर सिंह ने बीएनएसएस की धारा 107 के तहत संपत्ति कुर्क करने का आदेश पारित किया तथा तहसीलदार को उसका प्रशासक नियुक्त किया। न्यायालय ने अपने आदेश में माना कि अभियुक्त के पास भवन निर्माण और ऋण की किश्तों के भुगतान के लिए कोई वैध आय का स्रोत नहीं था तथा उसने अपराध से अर्जित धन के बल पर यह संपत्ति खड़ी की।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) मधुवन कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी, विवेचक निरीक्षक रफी आलम, थाना कोतवाली पुलिस तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन कर भवन को प्रशासनिक कब्जे में ले लिया।
केसी राय वर्तमान में जेल में निरुद्ध है और उसे पूर्व में प्रशासनिक आधार पर अंबेडकरनगर कारागार स्थानांतरित किया जा चुका है। उसके विरुद्ध हत्या के प्रयास, ठगी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और गैंगस्टर एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में 16 से अधिक मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्ज हैं।