आजमगढ़। यूपी बोर्ड की प्रायोगात्मक परीक्षा भी अब सीसी टीवी की निगरानी में करायी जायेगी। इतना ही नहीं स्कूलों को प्रायोगात्मक परीक्षा की रिकार्डिंग भी सुरक्षित रखनी होगी, जिसे जरूरत पड़ने पर बोर्ड को उपलब्ध कराना होगा। प्रायोगात्मक परीक्षा को लेकर भी बोर्ड ने अपना नया फरमान जारी कर दिया है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव के अनुसार यूपी बोर्ड की लिखिल परीक्षा की तरह अब प्रायोगात्मक परीक्षा भी सीसीटीवी की निगरानी में होगी। सीसी टीवी न होने की स्थिति में विद्यालयों को प्रायोगात्मक परीक्षा की वीडियो ग्राफी करानी होगी और फुटेज को सुरक्षित रखना होगा। बोर्ड कभी भी प्रायोगात्मक परीक्षा के फुटेज जांच के लिए मांग सकता है। जिले में प्रायोगात्मक परीक्षा की तिथि अभी घोषित नहीं हुई है। सचिव के पत्र के अनुसार प्रायोगात्मक परीक्षा पूरे प्रदेश में दो चरणों में करायी जायेगी। पहला चरण 15 दिसंबर से शुरू होगा।
दूसरा चरण जनवरी माह के शुरूआत में आयोजित किये जाने की संभावना है। इस बार के प्रायोगात्मक परीक्षा को लेकर भी बोर्ड ने कई बदलाव किये है। इस बार के प्रायोगात्मक परीक्षा के लिए परीक्षा समिति के निर्णय के अनुसार वित्त विहीन महाविद्यालयों/डिग्री कालेज व विश्वविद्यालय के शिक्षकों को परीक्षक नहीं नियुक्त किया जायेगा। इसके साथ ही ऐसे अवकाश प्राप्त शिक्षक जिनकी आयु 70 वर्ष या उससे अधिक हो गई है वह भी परीक्षक नहीं बनाये जाएंगे। प्रायोगात्मक परीक्षा के लिए नियुक्त परीक्षकों को जरूरी प्रपत्र डीआईओएस कार्यालय से उपलब्ध कराया जायेगा। परिषदीय विद्यालयों के इतर व अवकाश प्राप्त शिक्षकों को जरूरी प्रपत्र व नियुक्ति पत्र डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे।