उन्होंने बताया कि इसके बाद विभागीय टीम ने करीब 10 किलोमीटर तक ट्रक का पीछा किया और उसे रोक लिया। उनके अनुसार चालक को भागने से रोकने और उसे डराने के उद्देश्य से थप्पड़ मारा गया। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि ट्रक की तलाशी लेने पर कोई अवैध शराब या अन्य प्रतिबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई। वाहन के सभी दस्तावेज भी सही पाए गए।
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उप आबकारी आयुक्त आनंद प्रकाश ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि सहायक आबकारी आयुक्त से पूरे घटनाक्रम के संबंध में लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि यदि मारपीट की घटना हुई है तो यह उचित नहीं है और विभाग इस मामले को गंभीरता से देख रहा है।
उप आबकारी आयुक्त ने कहा कि पहले संबंधित अधिकारी का पक्ष लिया जाएगा, उसके बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और विभाग स्पष्टीकरण मिलने का इंतजार कर रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।