आजमगढ़ जिले की दोनों लोकसभा सीटों आजमगढ़ और लालगंज पर अब तक हुए चुनाव में सर्वाधिक मतदान क्रमशः 57.22 और 54.14 फीसदी है। आजमगढ़ सीट पर 1977 में और लालगंज सीट पर 2014 के चुनाव में सर्वाधिक वोटिंग हुई। आजमगढ़ सीट पर 1952 में पहले आम चुनाव में सबसे कम 36.51 फीसदी वोट पड़े थे। वहीं लालगंज सीट पर 1971 के चुनाव में सबसे कम 39.83 प्रतिशत मतदान था।
1952 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ सीट से तीन सांसद चुने गए थे। उस समय लालगंज और घोसी लोकसभा सीट अस्तित्व में नहीं आई थी। 1957 में भी लालगंज सोट अस्तित्व में नहीं आई थी। आजमगढ़-लालगंज की संयुक्त सीट पर 41.39 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किवा था। 1962 के तीसरे आम चुनाव में जिले में दो लोकसभा सीट गठित हो गई। पहली आजमगढ़ रही और दूसरी लालगंज।
आजमगढ़ सीट पर 50.27 तो लालगंज सीट पर 48.26 प्रतिशत वोट पड़े थे। 1967 के चुनाव में आजमगढ़ में 50.59 और लालगंज में 49.83 फीसदी वोटिंग हुई थी। 1971 में दोनों सीटों पर वोटिंग प्रतिशत घटा। आजमगढ़ में 45.56 प्रतिशत तो लालगंज अब तक की सबसे कम 39.83 प्रतिशत मतदान हुआ। 1977 के चुनाव में आजमगढ़ पर अब तक का सर्वाधिक 57.22 फीसदी मत पड़ा। वहीं, लालगंज में 52.51 फीसदी मत पड़े।
1980 में आजमगढ़ में 54.61 और लालगंज में 50.54 एवं 1984 में दोनों सीटों पर क्रमश: 55.92 और 51.33 फीसदी मतदान हुआ। 1989 में मतदान प्रतिशत घटा और आजमगढ़ में 48.24 तो लालगंज में 49.31 प्रतिशत पोलिंग हुई। 1991 के रामलहर में भी जिले की दोनों सीटों पर मतदान 50 प्रतिशत के अंदर ही राहा।
1996 के चुनाव में भी 1991 जैसी ही स्थिति दोनों सीटों पर देखने को मिली। 1998 में मत प्रतिशत बढ़ा और आजमगढ़ सीट पर 55.25 और लालगंज में 54.12 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया। 1999 में भी मतदान प्रतिशत की स्थिति कुछ ऐसी ही रही। 2004 में दोनों सीटों पर लगभग बराबर की पोलिंग रही।