आजमगढ़। जिले में फर्जी एसओजी टीम सक्रिय है, जो लोगों को एसओजी के नाम पर उठकर वसूली करती है। एसपी ने यह खुलासा करते हुए बुधवार को चार बदमाशों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से नकदी, जेवरात, बंदूक, कारतूस, बाइक व जीप बरामद की है। एसपी अनुराग आर्य ने प्रेसवार्ता में बताया कि फूलपुर कोतवाली के रीवा सुल्तानपुर निवासी महेंद्र यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि 26 मई को वह बाइक से अहरौला थाना के कटवा गहजी निवासी मनोज गौतम के घर जा रहे थे। नहर के पास स्कार्पियो में बैठे कुछ लोगों ने उसे रोका और खुद को एसओजी बताते हुए पूछताछ के नाम पर स्कार्पियो में बैठा लिया। उसके साथ मारपीट कर 10 लाख रुपये की मांग की। छोटे भाई को फोन लगाया तो उसकी पत्नी अनामिका ने फोन उठाया। फर्जी एसओजी वालों ने धमकी देते हुए कहा कि पति की जान बचानी है तो एक घंटे में 10 लाख रुपये लेकर आओ। कोयलसा के पास पैसों के साथ परिजन को बुलाया था। भाई की पत्नी 3.60 लाख नकद व 6.50 लाख के जेवरात लेकर वहा पहुंची तो उक्त लोगों ने नकदी, जेवरात व मोबाइल छीन लिया। इसके बाद उसे गाड़ी से धक्का देकर फरार हो गए।
एसपी ने बताया कि पुलिस ने इसका केस दर्ज कर फर्जी एसओजी टीम की तलाश शुरू कर दी। अहरौला पुलिस ने मंगलवार रात गोसाईपुरा गांव के पास एक्सप्रेस वे अंडरपास पुलिया से चार लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम राजेंद्र पाठक निवासी शिवरा थाना सिकरारा जिला जौनपुर, सूर्यभान गौतम निवासी बनकट थाना अहरौला, प्रहलाद मौर्य निवासी टाड़ा थाना बड़हलगंज जिला गोरखपुर व मनीष पाठक निवासी ठुकमुद्दीपुर थाना महराजगंज बताया। उनके पास से 1.28 लाख रुपये नकद, 4.6 लाख के जेवरात, एक बंदूक, कारतूस, बाइक व स्कार्पियो बरामद की। चारों ने बताया कि वे सीआईए के नाम से एजेंसी (वेबसाइट) चलाते हैं। इसके माध्यम से लोगों से संपर्क कर वसूली भी करते हैं। ये लोग खुद को पुलिस व प्रशासन का नजदीकी बताते थे। एसपी अनुराग आर्य ने कहा कि एसओजी की तर्ज पर बदमाश लोगों को जीप से उठाते थे और फिर परिजनों को फोन कर वसूली करते थे। इस गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गैंग पंजीकरण की भी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अपराध के माध्यम से अर्जित की गई इनकी संपत्तियों को भी धारा 14(1) के तहत जब्त किया जाएगा।