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कब्जा दिलवाने के आश्वासन पर मानें परिजन, रिटायर्ड दरोगा का हुआ अंतिम संस्कार

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बखरा गांव में तीसरे दिन सोमवार को काफी जद्दोजहद के बाद मृतक रिटायर्ड दरोगा राम आसरे के अंतिम संस्कार के लिए परिजन राजी हो गए। भूमि विवाद में हुई मारपीट दरोगा की मौत होने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया था। एसडीएम की ओर से न्यायालय के निर्देशानुसार कब्जा दिलाने का आश्वासन देने पर दरोगा का अंतिम संस्कार किया गया।
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मृतक राम आसरे राम सरायमीर थाने के बखरा गांव के निवासी पुलिस विभाग के रिटायर दरोगा थे। उनका गांव के कुछ लोगों से रास्ते का विवाद चल रहा था। शुक्रवार की सुबह करीब दस बजे राम आसरे अपने घर के पास बाग में टहल रहे थे। तभी विपक्षियों ने लोहे की रॉड और लाठी-डंडे से हमला बोल दिया था। बीच बचाव करने पहुंचे परिवार के अन्य सदस्यों को भी घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल रामआसरे को डाक्टरों ने हायर सेंटर के लिए रेफर किया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। रविवार को लाश घर पहुंची तो लोग आक्रोशित हो गए थे और रास्ते का विवाद सुलझने के बाद ही अंतिम संस्कार करने की बात कही थी। एसडीएम मार्टीनगंज धीरज श्रीवास्तव के नेतृत्व में पैमाइश की गई थी लेकिन चकबंदी विभाग के एसीओ के मौके पर न पहुंचने से विवाद हल नहीं हो सका। मृतक के भाई व बीएसएफ के जवान केशव प्रसाद भी गुवाहाटी से सोमवार को घर पहुंच गए। उन्होंने और एक अन्य भाई रामदवरने बताया कि मेरा भूमधरी बाग 100 कड़ी है। पड़ोस के रामपलट ने कब्जा कर लिया। दीवानी न्यायालय में वर्ष 1983 में मुखराज बनाम रामपलट वाद दाखिल किया था। इसमें मेरी डिग्री हो गई है। कोर्ट नंबर 16 में मुकदमा चल रहा है। एसडीएम मार्टीनगंज धीरज श्रीवास्तव ने मृतक के परिजनों को आश्वासन दिया कि भूमि का मुकदमा दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के आदेश के अनुसार हम कब्जा दिला देंगे। इस पर परिजन मान गए। मौके पर सीओ फूलपुर रविशंकर प्रसाद ,एसओ सरायमीर शेर सिंह तोमर, एसओ दीदारगंज धर्मेंद्र सिंह, थाना पवई की पुलिस और पीएसी मौजूद है।
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