पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह
- फोटो : अमर उजाला
तीन-चार दिनों में ही कोर्ट में उसकी गवाही भी शुरू होनी थी। बताया तो यहां तक जाता है कि इस हत्याकांड में अजीत की गवाही अति महत्वपूर्ण थी। यही कारण है कि उसकी हत्या शार्प शूटरों के माध्यम से करवाई गई है।
कुंटू के कारिंदों पर है पुलिस की विशेष नजर
एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि अजीत हत्याकांड के तार जिले से जुड़े अथवा न जुड़े मुख्य नामजद आरोपी तो जिले के ही रहने वाले हैं। जहां तक शूटरों के आजमगढ़ के होने की बात है तो यह अभी तक यह जानकारी पुष्ट नहीं हो सकी है।
फिलहाल कुंटू सिंह पर कार्रवाई लगातार जारी है और कारिंदों पर पुलिस की नजर है। लखनऊ में अजीत सिंह की हत्या के बाद जिले में दो टीम गठित की गई हैं, जो कुंटू सिंह, अखंड सिंह आदि बड़े अपराधियों के कारिदों पर नजर रख रही हैं और उन पर कार्रवाई की कवायद में जुटी हैं।
अजीत सिंह (बायें) व घटनास्थल पर तैनात पुलिसकर्मी।
- फोटो : amar ujala
शिकायत मिली तो कराएंगे जांच
अजीत सिंह हत्याकांड के बाद जेल प्रशासन पर एक बार फिर अंगुली उठने लगी है। जिस पर एसपी ने कहा कि जिसे भी शिकायत है वह लिखित रुप से करें, हम शिकायत के आधार जांच कराएंगे और कहीं गड़बड़ी मिलती है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। वैसे सामान्य तौर पर पुलिस व प्रशासनिक टीम समय-समय पर जेल का निरीक्षण तो करती ही रहती है।
अजीत हत्याकांड के तार आजमगढ़ से जुड़ने की चर्चा सामने आ रही है, चार शूटरों के आजमगढ़ के होने का दावा लखनऊ पुलिस ने किया है, लेकिन अभी शूटरों के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। कुछ जानकारी मिलती है तो निश्चित तौर पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी। वैसे कुंटू व अखंड गैंग पर पुलिस की नजर है। ये दोनों तो जेल में है पर इनके कारिंदे सक्रिय हैं, जिनकी गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी आदि कार्रवाई शुरू जा रही है।
सुभाष चंद्र दुबे, डीआईजी, आजमगढ़ परिक्षेत्र