फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्लैक पाटरी को बढ़ावा देने को मूलभूत सुविधाओं की सिफारिश

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। एक जनपद एक उत्पाद के तहत चयनित ब्लैक पाटरी के प्रोत्साहन और इस कला को बढ़ावा देने के लिए शासन की ओर से चयनित संस्था हैदराबाद की नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एमएसएमई ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में शिल्पकारों की फाइनेंस, डिजाइन, मार्केटिंग, पैकेजिंग, परिवहन, इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी समस्याओं को उठाया गया है। प्रोत्साहन के लिए कामन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) की स्थापना की पैरवी की गई है। एक जनपद एक उत्पाद के तहत ब्लैकपाटरी के चयन के बाद शिल्पकारों को ओडीओपी मार्जिन मनी, मुद्रा, युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना आदि के माध्यम से वित्तीय मदद की जा रही थी। ओडीओपी के तहत चयनित ब्लैक पाटरी के प्रोत्साहन और इस कला को बढ़ावा देने के लिए शासन की ओर से हैदराबाद की संस्था नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एमएसएमई को अध्ययन के लिए चुना है। संस्था को निजामाबाद क्षेत्र के भ्रमण कर शिल्पकारों को दी जा रही सुविधाओं और उनकी नवीन आवश्यकताओं का अध्ययन कर क्षेत्र में कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना के लिए अपनी रिपोर्ट शासन को देनी थी। सर्वे के बाद संस्था ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। उपायुक्त उद्योग रंजन चतुर्वेदी ने बताया कि शासन को सौंपी रिपोर्ट में मुख्य रूप से शिल्पकारों की इंफ्रास्ट्रक्टर, फाइनेंस, डिजाइन, रॉ-मैटेरियल, परिवहन, पैकेजिंग की समस्या को उठाया गया है। शिल्पकारों को निजामाबाद के हुसेनाबाद में आवंटित भूखंड एरिया में सड़क-नाली जैसी समस्या को उठाया गया है। इसके साथ ही उद्योग के प्रोत्साहन के लिए संस्था ने कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना की भी पैरवी की है। अब शासन की स्वीकृति मिलती है तो संस्था इसका इस्टीमेट तैयार करेगी।
विज्ञापन

कामन फैसिलिटी सेंटर में होगी कई सुविधाएं
संस्था की रिपोर्ट पर शासन की ओर से इस कला के निखार के लिए कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना का निर्णय लिया जाएगा। इसमें ब्लैक पाटरी को बनाने, डिजाइन, मिट्टी पकाने के लिए टर्नर भट्ठी, मिट्टी गूंथने की सुविधा और पैकेजिंग आदि की सुविधा मिल सकती है।
हैदराबाद की संस्था की टीम तीन-चार बार सर्वे कर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप चुकी है। इसमें उन्हीं समस्याओं को फोकस किया गया है, जिसे हम पहले भी अवगत करा चुके हैं। इसके साथ ही कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना की भी पैरवी की गई है। अब निर्णय शासन को लेना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रंजन चतुर्वेदी, उपायुक्त उद्योग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें