अतरौलिया। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे में जा रही जमीनों के उचित मुआवजे को लेकर रविवार को किसान संघर्ष समिति द्वारा महापंचायत का आयोजन किया गया था। लेकिन किसानों के दो गुटों में बंटने के कारण यह महापंचायत दो जगहों पर हुई। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे में जा रही जमीन का कम मुआवजा मिलने को लेकर अतरौलिया विकास खंड के 39 गांव के किसानों द्वारा किसान संघर्ष समिति के तत्वाधान में 13 दिन आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया गया था। जिसमें प्रशासन की पहल पर अतरौलिया के किसानों का 80 करोड़ रूपया शासन से बढक़र आया। जिसके बाद कुछ किसानों ने सहमति पत्र पर दस्तखत भी किया। इसके उपलक्ष्य में रविवार को किसानों की राय लेने के लिए गनपतपुर ग्राम सभा में महापंचायत का आयोजन किया गया था। लेकिन कुछ किसान गनपतपुर पहुंचे तो कुछ किसान पूर्व धरना स्थल पर पहुंच गए। ऐसा होने पर कुछ किसानों का आरोप है कि कुछ किसान नेता शासन प्रशासन से मिलकर किसानों का उत्पीडन करवा रहे हैं जो किसानों को कतई बर्दाश्त नहीं है। जहां एक तरफ जहां गनपतपुर में जेएनयू में प्रोफेसर डॉक्टर संदीप पांडेय और प्रसपा के प्रदेश सचिव फूलचंद यादव ने संबोधित किया तो वहीं पर गदनपुर तिराहे पर प्रसपा के जिलाध्यक्ष रामप्यारे यादव ने किसानों को संबोधित किया। किसान आंदोलन के इस प्रकार दो गुटों बँटने पर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।