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हैदराबाद की कंपनी ने उपलब्ध कराया ड्राफ्ट बेस मैप

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हैदराबाद की कंपनी ने उपलब्ध कराया ड्राफ्ट बेस मैप
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आजमगढ़। अमृत योजना के तहत जनपद की नई महायोजना 2031 सैटेलाइट बेस्ड तैयार होनी है। सैटेलाइट बेस्ड मैप तैयार करने की जिम्मेदारी हैदराबाद की कंपनी एनआरएससी को सौंपी गई थी। कंपनी ने ड्राफ्ट बेस मैप उपलब्ध करा दिया है। सहयुक्त नियोजक हितेश कुमार ने महायोजना तैयार करने के लिए नामित कोलकाता की कंपनी स्टेसलिट सिस्टम लिमिटेड के टीम लीडर को पत्र भेजकर भौतिक सत्यापन करने की अनुरोध किया है।
जनपद की नई महायोजना 2031 कर इंतजार लोगों को काफी दिनों से है। जिसके लिए काफी दिनों से प्रयास भी किया जा रहा है। नई महायोजना के लिए जिले स्तर से दो बार ड्राफ्ट तैयार कर शासन को भेजा गया लेकिन शासन ने इसे अस्वीकृत कर दिया। शासन का यह निर्देश था पुरानी महायोजना के बनीकरण, पार्क, क्रीड़ा आदि की भूमि में कोई बदलाव नहीं होगा। सिर्फ आवासीय और कृषि क्षेत्र का लैंडयूज चेंज होगा। शासन के निर्देशानुसार तत्कालीन सहयुक्त नियोजक द्वारा नई महायोजना का ड्राफ्ट तैयार कर शासन को भेजा। शासन ने इस पर अपनी स्वीकृति प्रदान की। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद लोगों से आपत्ति सुझाव लेने के लिए इसका प्रदर्शन किया गया। जिसमें सैकड़ों लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई। जिनका निस्तारण होना बाकी है। हालांकि इनके निस्तारण के लिए कमेटी का गठन किया जा चुका है। इन सबके बीच शासन ने अमृत योजना के तहत सैटेलाइट बेस्ड महायोजना तैयार करनेे का निर्णय लिया। इसके लिए हैदराबाद की एनआरएससी कंपनी को नामित किया गया। कंपनी ने सहयुक्त नियोजक को ड्राफ्ट बेस मैप उपलब्ध करा दिया है। ड्राफ्ट बेस मैप मिलने के बाद सहयुक्त नियोजक हितेश कुमार ने भौतिक सत्यापन के लिए शासन द्वारा नामित कोलकाता की स्टेसलिट सिस्टम लिमिटेड कंपनी के टीम लीडर को पत्र भेजकर सत्यापन करने का अनुरोध किया है। साथ ही कहा है कि अगर इस कार्य में उनकी ओर से देरी होने की संभावना है तो वह इससे अवगत कराएं।
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प्रदर्शित ड्राफ्ट की कमियों को ही किया जाएगा दूर
आजमगढ़। विभाग की मानें तो हैदराबाद की कंपनी की ओर से सैटेलाइट बेस्ड मैप उपलब्ध कराया गया है। जिसके आधार पर ही महायोजना बननी है। लेकिन पूर्व में जो ड्राफ्ट प्रकाशित कर दावे और आपत्तियां प्राप्त किए गए थे उनका निस्तारण किया जाएगा। उक्त ड्राफ्ट में वनीकरण, क्रीड़ा, पार्क आदि की भूमि में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा अर्थात उनका भू परिवर्तन नहीं होगा। लोगों के सुझाव के आधार पर कुछ क्षेत्रों को आवासीय घोषित किया जा सकता है।
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हैदराबाद की कंपनी द्वारा जनपद का ड्राफ्ट बेस मैप उपलब्ध करा दिया गया है। इसे शासन को भेज दिया गया है। साथ ही मेरी ओर से कोलकाता की स्टेसलिट सिस्टम लिमिटेड कंपनी को पत्र भेजा गया है कि वह जल्द से जल्द हैदराबाद की कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए ड्राफ्ट बेस मैप के आधार पर भौतिक सत्यापन करे। ताकि जल्द से जल्द आपत्तियों को निस्तारण कर नई महायोजना 2031 को लागू किया जा सके।
हितेष कुमार, सहयुक्त नियोजक
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