प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार अवैध निर्माणों का मुद्दा अमर उजाला की ओर से लगातार उठाया जा रहा है। जिसे जिलाधिकारी सीबी सिंह ने संज्ञान में लिया है। साथ ही सुधार के लिए प्राधिकरण सचिव और कर्मचारियों अंतिम अवसर दिया है।
इसके बाद भी सुधार नहीं मिला तो प्राधिकरण सचिव पर कार्रवाई की संस्तुति शासन के भेज दी जाएगी। इसके साथ ही प्राधिकरण को दो टीमों का गठन करने को कहा गया है। जो रोजाना अवैध निर्माणों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देंगी। इसकी समीक्षा हर शनिवार को जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय पर की जाएगी।
आजमगढ़ विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत बिना मानचित्र स्वीकृति के अवैध निर्माण होने की लगातार शिकायतें मिल रही थी। अवैध निर्माण पर प्राधिकरण की ओर से कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा था। अमर उजाला ने अपने पिछले अंकों में इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया था।
जिलाधिकारी ने इसका संज्ञान लेकर प्राधिकरण को लिखित रूप से निर्देश भी दिए थे। फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही थी। सचिव बाबू सिंह को भेजे पत्र में जिलाधिकारी ने कहा है कि उन्होंने वर्ष 2017-18 से पहले 1041 लोगों को नोटिस जारी होने की सूचना दी थी। जबकि वर्ष 2017-18 में 109 को ही नोटिस जारी हुई है। निस्तारित नोटिसों का कहीं उल्लेख नहीं है। जिलाधिकारी ने बताया कि सचिव की ओर से नोटिसों के निस्तारण में रुचि नहीं ली जा रही है।
तहसीलदार सदर से कराए गए निरीक्षण के दौरान काफी संख्या में निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति हुए पाए गए। जिस पर जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह ने सचिव बाबू सिंह अंतिम चेतावनी दी है। कहा कि अब प्राधिकरण के कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा प्रत्येक शनिवार को कैंप कार्यालय में होगी। सचिव और सहायक अभियन्ता की अध्यक्षता में दो अलग टीमों का गठन किया जाएगा। इसमें होमगार्ड भी रहेंगे। टीम दैनिक स्थलीय निरीक्षण कर अवैध निर्माण की फोटो के साथ अपनी रिपोर्ट प्रत्येक समीक्षा में देगी। लंबित भवन मानचित्र आवेदनों के लिए प्रत्येक माह कैंप लगा स्वीकृति प्रदान की जाएगी।