नगर के बाज बहादुर स्थित असदुल्लाह अख्तर का घर।
हैदराबाद विस्फोट के दोषी शहर के गुलामी का पुरा (बाजबहादुर) निवासी असदुल्लाह अख्तर उर्फ हड्डी समेत पांच लोगों को एनआईए की विशेष अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। इसकी सूचना मिलने के बाद असदुल्लाह के परिवार के लोग सकते में हैं। उसके पिता डॉ. जावेद अख्तर हड्डी विशेषज्ञ डाक्टर हैं। उनका कहना है कि कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ वह उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। असदुल्लाह अख्तर का नाम पहली बार दिल्ली में 2008 में हुए बम धमाके में आया था।
मूल रूप से देवगांव कोतवाली क्षेत्र के बैरीडीह गांव निवासी डॉ. जावेद अख्तर हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं। उनका मकान शहर के गुलामी का पुरा (बाजबहादुर) में है। ब्रह्मस्थान मुहल्ले में उनका अस्पताल है। पिता के शहर आने के बाद बेटा असदुल्लाह अख्तर भी गांव की पढ़ाई छोड़कर शहर आ गया। शिब्ली कालेज से स्नातक करने के बाद वह इंटरगल युनिवर्सिटी लखनऊ से बी. फार्मा करने चला गया। पढ़ाई के दौरान उसकी दोस्ती कुछ असामाजिक तत्वों से हो गई। इसी बीच सितंबर 2008 में दिल्ली में सीरियल धमाका हुआ। इसमें असदुल्लाह अख्तर का नाम प्रकाश में आया। इस दौरान उसके कई नाम भी रख दिए गए। इनमें असदुल्लाह के अलावा हड्डी उर्फ तवरेज उर्फ डैनियल आदि हैं।
बम विस्फोट में नाम आने के बाद वह फरार हो गया। बाद में विभिन्न जांच एजेंसियों ने अहमदाबाद विस्फोट में भी हाथ होने की पुष्टि की। गिरफ्तारी न होने पर एनआईए ने उस पर पांच लाख का इनाम घोषित किया, जो बढ़ाकर बीस लाख रुपये कर दिया गया।
दो वर्ष पूर्व असदुल्लाह को एनआईए ने इंडियन मुजाहिद्दीन के सक्रिय सदस्य यासीन भटकल के साथ नेपाल बार्डर से गिरफ्तार किया था। तभी से वह हैदराबाद की विशेष जेल में कड़ी सुरक्षा के बीच था। एनआईए की विशेष अदालत में 21 फरवरी 2013 को हैदराबाद में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले की सुनवाई चल रही थी।
सोमवार को अदालत ने इस मामले में असदु्ल्लाह अख्तर उर्फ हड्डी, यासीन भटकल सहित पांच को फांसी की सजा सुनाई। इसकी जानकारी जैसे ही परिवार के लोगों को हुई, वे सकते में आ गए। असदुल्लाह अख्तर के पिता डॉ. जावेद अख्तर ने बताया कि एनआईए की निचली अदालत ने असदुल्लाह समेत पांच लोगों को फांसी की सजा सुनाई है। न्यायालय के इस फैसले की प्रति मिलने के बाद वह उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।