लाटघाट। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घटने के साथ ही तटवर्ती इलाकों में कटान तेज हो गई है।
जलस्तर कम होने से फिलहाल बाढ़ का खतरा तो टल गया है, लेकिन नदी की धारा के किनारों से टकराने के कारण खेतों की जमीन कटने लगी है। बीते 24 घंटे में 15 बिस्वा जमीन कटकर समाहित हुई है। इससे नदी किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान की गति तेज हुई तो खेतों को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
बाढ़ का पानी खिसकने के बाद भी क्षेत्र की समस्याएं कम नहीं हुई हैं। चक्की हाजीपुर से गोला हाजीपुर को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग जगह-जगह टूट गया है। रोशनगंज, इस्माइलपुर, सोनौरा, बांका बुढ़नपट्टी, शाहडीह, देवारा जदीद आदि गांवों के संपर्क मार्ग भी नदी की तेज धारा से जगह-जगह कट गए हैं।
वहीं, सगड़ी तहसील के सहवदिया, बरामदपुर, देवारा खास राजा, महाराजी का पुरवा और अचल नगर में भी कटान जगह-जगह संपर्क मार्ग आदि प्रभावित हुए हैं। फिलहाल कटान की गति धीमी है, लेकिन नदी का दबाव लगातार किनारों पर बना हुआ है। देवारा खास राजा निवासी पारस यादव ने बताया कि हाजीपुर-गोला पुल के ठीक पूरब तरफ नदी किनारे कटान हो रही है। पानी कम होने के बावजूद किनारे की जमीन लगातार नदी में समा रही है। इससे खेतों के साथ आबादी को भी खतरा बना हुआ है।
एसडीएम सगड़ी संजीव कुमार राय ने बताया कि बाढ़ का पानी तेजी से उतर रहा है। अब बाढ़ का खतरा टल गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लेखपालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाढ़ व कटान प्रभावित लोगों की रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंपे। इसमें लापरवाही नहीं हो होनी चाहिए।