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Azamgarh News: संस्कृत विद्यालय में 10 शिक्षकों की नियुक्तियां अवैध, सेवा समाप्त

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प्राचीन धर्म संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, प्रयागपुर भुवना बुजुर्ग में वर्ष 2022 में हुई 10 सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां नियमविरुद्ध पाई गई हैं।
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हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अजय कुमार ने इन नियुक्तियों को अवैध घोषित करते हुए संबंधित शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दीं।
मामले में तत्कालीन प्रबंधक पर कूटरचित अभिलेख तैयार करने तथा तत्कालीन डीआईओएस उमेश कुमार त्रिपाठी की मिलीभगत से नियमों के विपरीत चयन कराने का आरोप है।
डीआईओएस के अनुसार, हाईकोर्ट में लंबित रिट याचिका की सुनवाई के दौरान विभाग की ओर से प्रस्तुत आख्या में बताया गया कि विद्यालय में वर्तमान में केवल एक प्रधानाचार्य और चार सहायक अध्यापकों के पद ही सृजित हैं।
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साथ ही शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के 19 जनवरी 2011 के आदेश के अनुसार संस्कृत विद्यालयों में चयन का अधिकार जिला विद्यालय निरीक्षक को कभी प्राप्त नहीं रहा। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी कर चयन प्रक्रिया पूरी की गई। विभाग का कहना है कि इन तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने चयन को नियमों के विरुद्ध माना।
डीआईओएस ने बताया कि जनपद के सभी संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों से नियुक्तियों का ब्योरा मांगा गया है। कई संस्थानों से अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। दस्तावेजों की जांच जारी है और अनियमितता मिलने पर संबंधित मामलों में कार्रवाई की जाएगी।

इन शिक्षकों की सेवा समाप्त
अशोक कुमार यादव (सहायक अध्यापक)
कुमारी छाया तिवारी (सहायक अध्यापक)
मनीष पांडेय (सहायक अध्यापक)
पुष्पा पांडेय (सहायक अध्यापक)
रेनू चौबे (सहायक अध्यापक)
दुर्गेश सोनकर (सहायक अध्यापक)
कुमारी रीशू तिवारी (सहायक अध्यापक)
कुमारी कृति पांडेय (सहायक अध्यापक)
आलोक चंद्र राय (सहायक अध्यापक)
दीपक कुमार गुप्ता (सहायक अध्यापक)
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हाईकोर्ट ने दिया था निर्णय का निर्देश
दो जनवरी 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकलपीठ ने अशोक कुमार यादव समेत 10 सहायक अध्यापकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए डीआईओएस को लंबित वेतन भुगतान प्रकरण में शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश दिया था। याचिका में कई वर्षों से वेतन भुगतान न होने का मुद्दा उठाया गया था। अदालत ने कहा था कि यदि मामले में दोबारा न्यायालय की शरण लेनी पड़ी तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया जा सकता है।
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अन्य संस्कृत विद्यालय भी जांच के दायरे में
डीआईओएस ने बताया कि जिले के अन्य संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में हुई नियुक्तियों की भी जांच चल रही है। कई संस्थानों से अभिलेख मांगे गए हैं, जबकि कुछ प्रबंधकों पर तथ्य छिपाने का आरोप है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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एसआईटी भी कर रही जांच
जिले के सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में हुई नियुक्तियों की विशेष जांच दल (एसआईटी) भी पड़ताल कर रहा है। जांच में नियुक्तियों, पद सृजन, चयन प्रक्रिया और प्रस्तुत अभिलेखों की जांच की जा रही है। अनियमितता मिलने पर संबंधित शिक्षकों, प्रबंधकों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विधिक एवं विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जा सकती है।
कोट-
प्राचीन धर्म संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कई शिक्षकों की नियुक्तियां अवैध पाई गईं। कोर्ट के निर्देश पर जांच कर नियुक्तियां निरस्त करते हुए संबंधित शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। यदि कोई पक्ष आदेश के विरुद्ध न्यायालय जाना चाहता है, तो वह स्वतंत्र है। -अजय कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, आजमगढ़
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