आजमगढ़। जनपद में कोविड-19 की जांच को और रफ्तार मिलने वाली है। अभी जनपद में ट्रू-नॉट किट और आरटी-पीसीआर जांच कराई जा रही थी। अब शासन की ओर से एंटीजेन किट भी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा दी गई है। इससे जनपद में कोविड-19 की जांच में और तेजी जाएगी। जनपद को पहली खेप में 4500 जांच किट उपलब्ध कराई गई है। सूत्रों की माने तो कंटेनमेंट जोन और अस्पतालों में इन किट्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जूम एप के माध्यम से ट्रेनिंग भी दी गई।
कोरोना संक्रमण पर रोकथाम के लिए शासन की ओर से जांच का दायरा लगातार बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। पहले जहां 40 से 50 सैंपल रोजाना आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजे जा रहे थे। वहीं, अब जिला अस्पताल में स्थापित ट्रू-नॉट मशीन से 20 से 25 जांचें रोजाना की जा रही हैं। वहीं, आरटी-पीसीआर जांच के लिए अब लखनऊ 400 से ज्यादा सैंपल भेजे जा रहे हैं। मेडिकल कालेज में भी ट्रूनॉट मशीन और बीएसएल-2 लैब की स्थापना की कवायद की जा रही है। इसके बाद यहां भी आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा मिलने लगेगी। अभी इसमें एक माह का समय लगने की बात कही जा रही है।
आधे घंटे में मिलेगा रिजल्ट
आजमगढ़। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो इन एंटीजेन किट्स के जरिए 30 मिनट में जांच रिपोर्ट आ जाएगी। पॉजिटिव रिजल्ट मिलने पर उक्त मरीज को आइसोलेट किया जाएगा। दोबारा आरटी-पीसीआर जांच नहीं की जरूरत नहीं होगी। अगर रिपोर्ट निगेटिव आती है तो दोबारा जांच के लिए मरीज का सैंपल आरटी-पीसीआर जांच के लिए भेजा जाएगा।
मिली ट्रेनिंग, अब बनाएंगे रणनीति
आजमगढ़। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि शासन से 4500 किट मिली है। शासन से जूम एप से माध्यम से चिकित्सकों को जांच के लिए ट्रेनिंग भी दी गई है। अब बैठक कर ये तय किया जाएगा कि इस किट का प्रयोग कहां पर करना है। आवश्यकता के अनुसार और किट के लिए शासम से मांग की जाएगी।
क्षमता के अनुसार नहीं मिल रहा ट्रू-नॉट मशीन का रिजल्ट
आजमगढ़। जिला अस्पताल में लगाई गई ट्रू-नॉट मशीन की स्थापना के समय इसकी क्षमता प्रतिदिन 25 जांच की बताई गई थी। 37 दिन बीतने के बाद भी इस मशीन से अभी तक 433 जांच हुई हैं। क्षमता के अनुसार इससे 900 ज्यादा जांच अभी तक होनी चाहिए थी। हालांकि इसके पीछे किट की कमी का भी हवाला दिया जा रहा है।