मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। पूर्व प्रधान को तय रकम लेकर आरोपियों के पास भेजा गया। जैसे ही दोनों ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान टीम ने रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शहर कोतवाली क्षेत्र के कोलघाट मोहल्ला निवासी ग्राम सचिव शशिकांत सोनकर और जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के चकलालचंद गांव निवासी रोजगार सेवक चंद्रेश यादव शामिल हैं। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।