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UP: अच्छा दिखाकर भेजते थे घटिया सामान, ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर देशभर में ठगी; 27 शिकायतों के दो आरोपी अरेस्ट

Wed, 25 Mar 2026 05:33 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh News: आजमगढ़ पुलिस ने दो ठगों को गिरफ्तार किया है। यहे दोनों इंस्टाग्राम पर ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर ठगी करते थे। फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर क्यूआर कोड से एडवांस लेकर लोगों को ब्लाक कर देते थे। देशभर में इनके खिलाफ 27 शिकायतें दर्ज हैं। 13 बैंक खातों के जरिए साइबर फ्रॉड नेटवर्क चला रहे थे।
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अवन राजभर और प्रियांशू यादव गिरफ्तार। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP Crime: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर देशभर के लोगों से ठगी करने वाले संगठित गिरोह का साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डा. अनिल कुमार के निर्देशन में की गई।

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एसपी ट्रैफिक विवेक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गुजरात के अहमदाबाद स्टटी वटवा निवासी अजमेरी ने नौ मार्च 2026 को एनसीआरपी पोर्टल पर ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ी ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच शुरू की। 

पुलिस ने की कार्रवाई

24 मार्च को तकनीकी साक्ष्यों और प्रतिबिंब पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने कोतवाली क्षेत्र के कोल बाजबहादुर में दबिश देकर रानी की सराय थाना क्षेत्र के ऊंचागांव निवासी अवन राजभर (22) और तहबरपुर थाना क्षेत्र के शिवरामपुर गांव निवासी प्रियांशू यादव (19) को गिरफ्तार कर लिया। 

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इंस्टाग्राम पर “Ganga.Hills, Ganga_hills, Ganga cloth, Velside.clothing, Velside_clothing” (गंगा हिल्स, गंगा_हिल्स, गंगा क्लॉथ, वेलसाइड. क्लॉथिंग, गंगा हिल्स, गंगा_हिल्स, गंगा क्लॉथ, वेलसाइड.क्लॉथिंग, वेलसाइड_क्लॉथिंग) जैसे नामों से फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर आकर्षक विज्ञापन पोस्ट करते थे। 

ग्राहकों को कम दाम में अच्छे उत्पाद देने का लालच देकर व्हाट्सएप बिजनेस नंबर के माध्यम से संपर्क कराते थे और फिर क्यूआर कोड के जरिए एडवांस भुगतान करा लेते थे। भुगतान मिलने के बाद या तो सामान भेजते नहीं थे या फिर घटिया सामान भेजकर ग्राहक को ब्लॉक कर देते थे। 
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कई दिनों से थी तलाश

जांच में पता चला कि ठगी की रकम पहले अपने बैंक खातों में मंगाते थे, लेकिन खाते फ्रीज होने लगे तो अन्य लोगों के खातों का इस्तेमाल करने लगे। पुलिस को आरोपियों से जुड़े 13 बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिन पर असम, बंगाल, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से कुल 27 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज हैं। 

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 550 रुपये नकद, 13 बैंक पासबुक, एक चेकबुक, पांच एटीएम कार्ड, नौ सिम कार्ड, 30 डमी पार्सल पैकेट तथा पैकेजिंग सामग्री बरामद की है। मोबाइल फोन की जांच में ग्राहकों से की गई चैट और लेन-देन से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। 

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पुलिस ने बताया कि गिरोह योजनाबद्ध तरीके से ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड कर रहा था और लगातार नए फर्जी पेज बनाकर लोगों को ठग रहा था। मामले में थाना साइबर क्राइम पर विभिन्न धाराओं एवं आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज किया गया है।

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