घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुुंची। पुलिस के डाक्टरों के विरूद्ध कार्रवाई के आश्वासन पर लोग शांत हुए । पुलिस मृतका के पति सहित चार लोगों को थाने ले गई। बाद में समझाबुझाकर उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी हरैया गोपाल प्रसाद ने परिवार वालों केे आरोपों को गलत बताया।
बताते चले रौनापार थाना क्षेत्र के ताहिरपुर गांव निवासी मीना गौंड (30) पत्नी रवि गर्भवती थी। मंगलवार को दर्द होने पर परिवार के लोग उसे उपचार के लिए सीएचसी हरैया ले गए। अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। एएनएम सुभावती ड्यूटी पर थीं। मरीज की दशा देखकर सुभावती ने उसे जिला अस्पताल ले जाने को कहा। परिवार के सदस्य महिला को लेकर जिला मुख्यालय जा रहे थे, इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई।
शव का अंतिम संस्कार करने के बाद गुरुवार को पीड़ित परिवार के लोग ग्रामीणों के साथ सीएचसी हरैया पहुंचे। लोग अस्पताल के डाक्टरों व अन्य कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। इस दौरान नाराज भीड़ ने एंबुलेंस का शीश तोड़ दिया।
सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष रौनापार डीके श्रीवास्तव मय फोर्स मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों की बातों को सुना, साथ ही दोषियों पर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान पुलिस महिला के पति रवि सहित तीन लोगाें को थाने ले गई। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
थानाध्यक्ष डीके श्रीवास्तव ने ने बताया कि एंबुलेंस के ड्राइवर दीपक गौड़ की तहरीर पर परिवार वालों के खिलाफ तोड़फोड़ का मुकदमा दर्ज किया गया है।