आजमगढ़। जनपद की पुलिस बुजुर्गों, असहायों और विधवाओं के साथ हो रहे अपराध को रोकने के लिए अभियान चला रही है। एसपी के निर्देश पर जन सुनवाई में आने वाले ऐसे प्रार्थना पत्रों को एकत्र किया जा रहा है। उनको थानों पर भेजकर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। पुलिस कर्मी ऐसे लोगों के घर जाकर उनके साथ चाय पीते हुए उनकी समस्याएं पूछ रहे हैं और उनका निदान भी कर रहे हैं। एसपी के इस प्रयोग से अब तक जिले के नौ बुजुर्गों और विधवाओं की समस्या का समाधान हो चुका है।
एसपी डा. अनिल कुमार ने बताया कि रोज एक-दो ऐसे मामले आते हैं। इसमें किसी बुजुर्ग को उसके पटीदार या फिर किसी विधवा को उसके परिवार के लोग उसका हक हिस्सा देने से मना कर रहे हैं। या फिर उन्हें परेशान कर रहे हैं। इसे देखते हुए हमने एक अभियान शुरू किया गया है। हम जन सुनवाई में आने वाले ऐसे प्रार्थना पत्रों को चिन्हित करते हैं फिर उनकी जांच कराते हैं।
अगर जांच में पाया जाता है कि पड़ोसी या परिवार के लोगों द्वारा उन्हें परेशान किया जाता है तो हम थाने के सिपाहियों की ड्यूटी लगाते हैं कि वह उक्त व्यक्ति के घर हफ्ते में एक बार जरूर जाए। उनके साथ बैठकर उनकी कुशल क्षेम पूछे अगर कोई परेशान कर रहा है तो उसे हिदायत दे। अगर इसके बाद भी वहीं नहीं मानता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें। विगत तीन महीने में हमने ऐसी 21 शिकायतों की छंटनी कराई और पुलिस से उनकी निगरानी कराई। इसका परिणाम हुआ कि नौ के मामले सुलझ गए हैं जो बचे हैं उनकी निगरानी भी जारी है।
एसपी ने बताया कि इसे हमने इसलिए शुरू किया ताकि किसी बुजुर्ग या विधवा या निर्बल के साथ कुछ गलत न हो। साथ ही बार-बार पुलिस के उनके घर जाने और उनके साथ उठने बैठने से उन्हें परेशान करने वालों में भय बनेगा।
केस स्टडी-1- मुबारकपुर थाना क्षेत्र के मोहब्बतपुर गांव निवासी कन्हैया की एक पुत्री है। वह दिल्ली में रहते हैं, यहां उनके पटीदार उन्हें खेत की बोआई और जोताई नहीं करने दे रहे थे। जब वह पुलिस के पास गए तो पुलिस ने उनके घर जाना शुरू किया। फसल की बोआई करा दी। जब फसल कटने की बारी आई तो पटीदारों ने फिर से रोक दिया। इसके बाद पुलिस फिर से मौके पर पहुंची और उनकी फसल की कटाई और मड़ाई कराई। सोमवार को वह इसके लिए एसपी को धन्यवाद देने के लिए पहुंचे थे।
केस स्टडी-2- कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ककरही गांव की रहने वाली आशा सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके जेठ सारी जमीन की बिक्री कर रहे हैं। जबकि उस जमीन में उनका भी हिस्सा है। इस शिकायत पर एसपी के निर्देश पर स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और जमीन की बिक्री रुक गई। इससे आशा सिंह काफी खुश है। उनका कहना है कि हमारे पास एक बेटी है और शादी के बाद वह अपने घर है। हम चाहते हैं कि जमीन में हमारा भी नाम चढ़ जाए।
इस तरह की रोज आ रही शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पुलिस को सख्त निर्देश है कि वह ऐसे लोगों के घर जाए और उनके साथ बैठकर बात करे और फोटो के साथ मौके से रिपोर्ट दे। जब तक शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होता है तब तक पुलिस उसके घर जाकर उसकी समस्या का समाधान कराएगी।डॉ. अनिल कुमार, एसपी।