मौके पर पहुंचकर पीड़ित को न्याय दिलाने और चुस्त कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार पुलिस व्यवस्था को मजबूत बना रही है। एबुलेंस की तर्ज पर पुलिस की मोबाइल टीम मौके पर पहुंचकर पीड़ित को न्याय दिलाएगी। इसके लिए पहली खेप में जल्द ही 57 नए वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। पुलिस कंट्रोल रूम के जरिए संचालित होने वाले इन वाहनों पर दिन और रात के वक्त ड्यूटी करने वाले पुलिस अधिकारियों अधिकारी और सिपाहियों का चयन जोरों पर चल रहा है।
बदलते वक्त के साथ-साथ अपराध का ट्रेंड बदला है लेकिन पुलिस आज भी पुरानी व्यवस्था और पुराने तौर तरीकों से काम कर रही है। पुलिस विभाग में वाहनों की किल्लत के चलते अधिकारी चाह कर भी जल्द घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाते हैं। वाहनों की संख्या कम होने की वजह से कई महत्वपूर्ण कार्य भी प्रभावित हैं। लचर व्यवस्था का परिणाम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सरकार एबुलेंस की तर्ज पर पुलिस को भी 15 से 20 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचने की योजना है। ये गाड़ियां लखनऊ स्थित अत्याधुनिक कंट्रोल रूम से संचालित की जाएंगी। किसी भी घटना की सूचना पीड़ित को 100 नंबर पर देना होगा।
वह काल सीधे पुलिस मुख्यालय स्थित कंट्रोल में जाएगी। वहां से संबंधित गाड़ी को मौके पर भेजी जाएगी। इसके तहत पहली खेप में पुलिस को 12 इनोवा और 45 बोलेरो उपलब्ध कराई जाएगी। नए वाहनों पर दिन और रात ड्यूटी करने वाले तेजतर्रार पुलिसकर्मियों का चयन किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक दयानंद मिश्रा ने बताया कि पहली खेप में 57 नई गाड़ियां मिलने की सूचना है। इस व्यवस्था से जहां जनता को राहत मिलेगी।