नेशनल और स्टेट हाईवे पर स्थित शराब की दूकानों का हटाने के कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ऐसी दूकानों को हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है।
इस संबंध में आबकारी विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय में हुई बैठक में कहा कि किसी भी दशा में मंदिर, मस्जिद और स्कूल के पास शराब की दूकानें नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अवैध शराब माफिया के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कहा कि इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों एवं क्षेत्राधिकारियों से कहा कि शासन के निर्देश के क्रम में नेशनल हाइवे एवं स्टेट हाइवे से 500 मीटर की दूरी पर देशी शराब या बीयर की दूकानें खोली जाए। उन्होंने कहा कि मंदिर, मस्जिद तथा स्कूल के समीप शराब की दूकानें नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में 75 मीटर तथा ग्रामीण क्षेत्रों सौ मीटर के दूर ही शराब की दूकानें रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शराब माफियाओं को चिह्नित कर कार्यवाही करें।
जनपद में अवैध शराब की बिक्री और निर्माण बिल्कुल नहीं होना चाहिए। जो भी अवैध शराब की बिक्री करते हुए मिले उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तहसीलों में शराब की दूकानों की जानकारी ली। कहा कि जो दूकानें विवादित है उनका सत्यापन करते हुए उसको दूसरी जगह स्थापित कराएं। आबकारी अधिकारी राम सिंह ने बताया कि जनपद में शराब की 173 दूकानें हैं। इसमें 108 दुकानों का सत्यापन हो चुका है।
शेष दूकानों का सत्यापन चल रहा है।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पीपी सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीके गुप्ता, एसपी सिटी शकील अहमद, पुलिस अधीक्षक यातायात हफीजुर्रहमान, एसपीआरए शैलेंद्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अरविंद चौहान मौजूद रहे।