सारनाथ क्षेत्र स्थित एक होटल के कमरे में बीते 26 मार्च की सुबह आकांक्षा दुबे का शव फंदे के सहारे लटका मिला था। वह भोजपुरी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में वाराणसी आई थीं। इस मामले में मृत अभिनेत्री की मां मधु दुबे ने तहरीर देकर 27 मार्च को सारनाथ थाने में भोजपुरी गायक व अभिनेता समर सिंह और उसके दोस्त संजय सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद कमिश्नरेट की पुलिस ने पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों, बिहार और मुंबई में छापा मारा, लेकिन 10 दिन तक आरोपियों का कहीं पता नहीं लगा।
हवालात में बंद समर सिंह
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गुरुवार को कमिश्नरेट के सर्विलांस प्रभारी इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय को सूचना मिली कि समर सिंह देहरादून से गाजियाबाद में अपने एक परिचित के फ्लैट में आने वाला है। शुक्रवार को वह देहरादून लौट जाएगा। इस सूचना के आधार पर आशापुर चौकी प्रभारी अखिलेश वर्मा, दरोगा अजय यादव, हेड कांस्टेबल रामबाबू, रामानंद यादव और दिवाकर वत्स की टीम ने घेराबंदी कर गुरुवार देर रात उसे उसके परिचित के फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद उसे गाजियाबाद कमिश्नरेट के नंदग्राम थाने ले जाया गया। साथ ही अभिनेत्री की मौत और उससे संबंधित दूसरे सवाल किए गए। ट्रांजिट रिमांड के लिए पेशी तक आरोपी गायक को हवालात में रखा गया था। मामले के एक अन्य आरोपी आजमगढ़ के बिलरियागंज क्षेत्र के गद्दोपुर गांव निवासी संजय सिंह की तलाश जारी है। पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
वाराणसी के सारनाथ थाने में आकांक्षा की मां समेत अन्य लोग
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आकांक्षा दुबे की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ा हुआ था तो गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमिश्नरेट की पुलिस की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताई थी। उन्होंने हर हाल में समर की गिरफ्तारी जल्द सुनिश्चित करने का निर्देश पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन को दिया था। इस बीच पुलिस सर्विलांस की मदद से उन लोगों के मोबाइल की टोह ले रही थी, जो 26 और 27 मार्च को लगातार समर सिंह के संपर्क में थे। समर के करीबियों के मोबाइल की मदद से ही उसकी लोकेशन के बारे में सटीक जानकारी मिली और बृहस्पतिवार की ही देर रात वह पकड़ा गया।